शोएब उर्फ शानू की हत्या के चार दिन बाद भी दो हत्यारे नहीं पकड़े गए तो सोमवार को मृतक के परिवार वालों के गुस्से का लावा फूट पड़ा। मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों ने सोमवार सुबह बहेड़ी थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया। लोगों का आरोप है कि कातिल खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। माहौल गर्माया देख थाना प्रभारी ने हत्यारोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देकर किसी तरह लोगों को शांत किया।
बरेली जनपद के कस्बा बहेड़ी के मोहल्ला नूरी नगर लाइन पार निवासी शोएब उर्फ शानू की 11 सितंबर की रात में शादी समारोह के दौरान चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई ने उसी मोहल्ले में रहने वाले जुनैद उसके भाई शकील और सगीर के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शोएब और जुनैद आपस में साले-बहनोई हैं। शादी समारोह में हंसी मजाक के दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसी खुन्नस में शोएब की हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्यारोपी जुनैद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया, जबकि शकील और सगीर अभी फरार हैं।
सोमवार सुबह मृतक शोएब के परिजन और रिश्तेदार बहेड़ी थाने जा पहुंचे और गेट पर एकत्र होकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। उनका आरोप था कि शोएब की हत्या के दो आरोपी शकील और उसका भाई सगीर खुलेआम घूम रहे हैं। लोगों का आरोप था कि जब आरोपियों का पिता मोहल्ले में मौजूद है तो उसके दोनों बेटे भी पुलिस की पकड़ से बाहर नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन शकील और सगीर की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है।
हंगामे का पता लगने पर प्रभारी निरीक्षक संजय तोमर मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों को आश्वस्त किया कि पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रविवार को भी पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की थी, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिले। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें शीघ्र जेल भेजा जाएगा।
इस पर परिजनों ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस जल्द गिरफ्तारी नहीं करती तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इसके बाद लोग शांत होकर अपने घरों को चले गए, जिसके बाद माहौल शांत हो गया।
थाने पहुंचे नेताजी को पुलिस ने दौड़ाया
हंगामे के बीच कस्बे के एक नेताजी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने पहुंच गए। पुलिस को लगा कि नेताजी के हस्तक्षेप करने से माहोल और बिगड़ सकता है। इस पर प्रभारी निरीक्षक संजय तोमर ने सख्ती दिखाते हुए नेताजी ने थाने से बाहर निकाल दिया। नेताजी भी खुद की इज्जत बचाने के लिए थाने से चुपचाप खिसक गए।