Tuesday, March 31, 2026

Mathura News: कथा बन जाती है भक्ति और भजनों की गंगा, जब मोहिनी कृष्ण दासी करती है वचनों की अमृत वर्षा

लेखक: Jagran Today | Category: उत्तर प्रदेश | Published: September 10, 2025

Mathura News: कथा बन जाती है भक्ति और भजनों की गंगा, जब मोहिनी कृष्ण दासी करती है वचनों की अमृत वर्षा
जागरण टुडे, मथुराश्री वृंदावन धाम की पावन भूमि पर कथा वाचन के क्षेत्र में एक उभरता हुआ नाम श्रद्धालुओं के हृदय में विशेष स्थान बना रहा है। यह कथावाचक हैं मोहिनी कृष्ण दासी। उनका मानना है कि कथा केवल श्रवण का साधन ही नहीं, बल्कि यह जीवन को दिशा देने वाली साधना है। उनकी संगीतमयी कथा और मधुर भजनों की रसधारा में भक्त विभोर होकर गोते लगाते रहते हैं।

संत रमण बिहारी शरण महाराज से ली दीक्षा

मोहिनी कृष्ण दासी को हरि निकुंज मंदिर के प्रमुख संत रमण बिहारी शरण महाराज से दीक्षा प्राप्त है। वे उनकी परम शिष्या हैं। उनके शिक्षा गुरु राम कृपाल महाराज ‘भकतमाली’(चित्रकूट) हैं, जो मयूर विहार कैलाश नगर आश्रम में निवास करते हैं।

नेपाल से लेकर प्रयागराज कुंभ तक

मोहिनी कृष्ण दासी अब तक वृंदावन, नेपाल के जानकीनगर, जयपुर, फिरोजाबाद सहित कई स्थलों पर संगीतमयी कथा सुना चुकी हैं। प्रयागराज महाकुंभ 2024 में उनकी कथा ने श्रद्धालुओं को अद्वितीय रसास्वादन कराया। जयपुर में उन्होंने भावपूर्ण भरत चरित्र कथा प्रस्तुत की।

विविध कथाओं की संगीतमयी प्रस्तुति

उनकी कथाओं में श्रीमद्भागवत कथा, रामकथा, शिवकथा, भक्तमाल कथा, सुदामा चरित्र, भरत चरित्र प्रमुख हैं। कभी ये कथाएं दो दिन की श्रृंखला में तो कभी पांच–छह दिन की संगीतमयी परंपरा के रूप में संपन्न होती हैं।

भक्ति और रस में डूबते हैं श्रोता

कथा के दौरान मूल पाठ का वाचन पंडितगण करते हैं, जबकि भावपूर्ण व्याख्या मोहिनी कृष्ण दासी स्वयं करती हैं। उनकी संगीतमयी शैली और भजनों से श्रोता भक्ति और रस में सराबोर हो जाते हैं।

रासलीला और सांस्कृतिक योगदान

मोहिनी कृष्ण दासी गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन से भी जुड़ी हैं। उन्होंने कई रासलीलाओं के मंचन में अहम भूमिका निभाई है। विशेष रूप से जब प्रसिद्ध नृत्यांगना हेमा मालिनी ने कथक नृत्यांगना उमा डोगरा को वृंदावन भेजा था, उस प्रशिक्षण कार्यशाला की संयोजिका मोहिनी कृष्ण दासी रहीं।

साहित्य और शिक्षा में सक्रियता

मोहिनी कृष्ण दासी भारत–नेपाल साहित्यकार सम्मेलन में वक्ता रह चुकी हैं। विद्यालयों और संस्थानों में गीता प्रवचन और प्रेरक व्याख्यान देकर वह नई पीढ़ी में नैतिकता और आध्यात्मिकता का संदेश पहुंचा रही हैं। वर्तमान में मोहिनी कृष्ण दासी श्रीधाम वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर निवास करती हैं, और अपनी साधना एवं सेवा कार्य में निरंतर संलग्न हैं।

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