Tuesday, March 31, 2026

परिवारों पर बढ़ता खर्च: मुद्रास्फीति से ग्रामीण और निम्न-आय वर्ग पर सबसे ज्यादा असर

लेखक: Jagran Today | Category: उत्तर प्रदेश | Published: September 10, 2025

परिवारों पर बढ़ता खर्च: मुद्रास्फीति से ग्रामीण और निम्न-आय वर्ग पर सबसे ज्यादा असर
बरेली। भले ही पीली धातु (सोना) रोज नए कीर्तिमान बना रही हो, लेकिन आम भारतीय घरों को लगातार बढ़ते खर्च का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक अमर उजाला में प्रकाशित वर्ल्डपेनल वाई न्यूमेरेटर के एक ताज़ा अध्ययन में बताया गया है कि भारतीय परिवारों का तिमाही खर्च 14% बढ़ा है।

मुद्रास्फीति ने आवश्यक वस्तुओं की श्रेणियों को सीधे प्रभावित किया है और खासतौर से ग्रामीण तथा निम्न-आय वाले परिवार इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

शहरी बनाम ग्रामीण खर्च

औसत तिमाही खर्च 2025 → ₹56,000 (जबकि 2022 में यह ₹42,000 था)
शहरी परिवारों का खर्च → मार्च 2025 में ₹73,579 (जून 2022 में ₹52,711 से अधिक)
ग्रामीण परिवारों का खर्च → मार्च 2025 में ₹46,623 (जून 2022 में ₹36,104 से अधिक)

आर्थिक दबाव और लोगों की धारणा

34% घरों ने खर्च प्रबंधन में कठिनाई की सूचना दी, जो गंभीर वित्तीय तनाव को दर्शाता है।
30% परिवारों को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी वित्तीय स्थिति और बिगड़ेगी।
59% परिवारों का मानना है कि अगले तीन महीनों में उनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।

खर्च में बदलाव की प्रवृत्ति

अध्ययन दर्शाता है कि भारतीय परिवार अब बढ़ते खर्च और महंगाई के दबाव में अपनी आदतें बदल रहे हैं।
लोग आवश्यक वस्तुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। सस्ते विकल्पों का चयन कर रहे हैं। ऋण चुकौती और बचत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ज्यादातर परिवार लगातार सतर्क खर्च की आदतें अपना रहे हैं। बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों पर असर को देखते हुए सरकार और नीतिनिर्माताओं को राहतकारी कदम उठाने होंगे।

लेखक- संजीव मेहरोत्रा, महामंत्री बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन 

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