भारतीय किसान यूनियन (असली) गैर राजनीतिक ने मंगलवार को जिला पूर्ति कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया और जिला पूर्ति अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोला। धरने का संचालन जसवीर सिंह यादव वकील ने किया, जबकि अध्यक्षता जिला अध्यक्ष केपीएस राठौर ने की।
जिला सचिव सूरजपाल सिंह ने कहा कि जनपद की सभी तहसीलों में पूर्ति इंस्पेक्टर और राशन कोटेदारों की मिलीभगत से गरीबों का हक छीना जा रहा है। प्रति कोटेदार दुकान से ₹3000–3500 की वसूली की जाती है, जबकि आम उपभोक्ताओं को पूरा राशन नहीं मिलता।
जिला उपाध्यक्ष हरीश पटेल ने कहा कि शासनादेश के अनुसार राशन वितरण प्रमाणपत्र हर माह जमा होना चाहिए, लेकिन अधिकांश दुकानदार इसे जमा नहीं करते। अधिकारी भी इस पर कार्रवाई करने के बजाय बचा राशन और पैसा वसूलने में लगे रहते हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो की जगह केवल 30 किलो और प्रति यूनिटधारक को 1 किलो कम राशन दिया जा रहा है। जसवीर यादव ने कहा कि मशीन से छेड़छाड़ कर वजन कम दिखाया जाता है और उपभोक्ताओं को कम राशन थमा दिया जाता है।
सूर्य प्रताप यादव ने ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार से मिलने वाला डोर-टू-डोर डिलीवरी और पल्लेदारी का पैसा ठेकेदार वसूलते हैं, लेकिन वे खुद डिलीवरी न करके निजी लोगों से काम करवाते हैं और कोटेदारों से भी ₹1200–1500 वसूली करते हैं।
जिला अध्यक्ष केपीएस राठौर ने कहा कि गेहूं खरीद में भी गड़बड़ी होती है। सरकार 50 किलो की बोरी लेती है, लेकिन ठेकेदार पानी छिड़ककर 52 किलो की बोरी काटते हैं, जिससे प्रति बोरी करीब 2.5 किलो अनाज बच जाता है। इस तरह से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की जा रही है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जिला पूर्ति कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना होगा। साथ ही कहा कि यदि आंदोलन के दौरान कोई नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।