जागरण टुडे, लखनऊ। आम जनता की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और सरकारी कार्यों के प्रति उदासीनता बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने बड़ी कार्रवाई की है। जन शिकायतों और आईजीआरएस (IGRS) मामलों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर पुलिस कमिश्नर ने 12 उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
थाने और चौकियों पर शिकायतों के निस्तारण में बरती जा रही थी लापरवाही
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि थाने और चौकी स्तर पर ही आम जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके बावजूद कुछ उपनिरीक्षकों की ओर से शासकीय कार्यों में रुचि नहीं लेने और शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाने की शिकायतें सामने आईं। जन शिकायतों और आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा के दौरान लापरवाही और उदासीनता पाए जाने पर पुलिस कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने 12 उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया।
सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश
पुलिस कमिश्नर ने केवल लाइन हाजिर करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि संबंधित सभी उपनिरीक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। इस कदम को पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने और शिकायत निस्तारण व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
CP का संदेश- जनता की शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने साफ संदेश दिया है कि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से लेना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। थाने और चौकी पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण होना चाहिए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई से पुलिस विभाग के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश गया है, जो सरकारी जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरत रहे हैं। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।