बदायूं। ब्लॉक जगत के गांव नरेली माहोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने समूह सखी चंद्र प्रभा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का आरोप है कि केवाईसी (KYC) के नाम पर उनसे 30, 150, 250 से लेकर 1,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं, करीब दो लाख रुपये फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए निकालने का भी दावा किया गया है।
जय अंबे महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के मुताबिक, गांव की समूह सखी चंद्र प्रभा द्वारा केवाईसी के नाम पर अलग-अलग रकम मांगी जा रही है। महिलाओं का कहना है कि जब उन्होंने इस कथित वसूली का विरोध किया और पैसों का हिसाब मांगा, तो उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और कथित तौर पर गाली-गलौज की गई।
समूह की महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे देने से इनकार करने पर उन्हें समूह से बाहर करने की धमकी दी जाती है। इससे महिलाओं में नाराजगी और असंतोष का माहौल है। महिलाओं का कहना है कि स्वयं सहायता समूहों का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, लेकिन यदि केवाईसी जैसी प्रक्रिया के नाम पर मनमाने ढंग से रकम मांगी जा रही है, तो यह गंभीर जांच का विषय है।
महिलाओं के आरोपों के मुताबिक, समूह की बैंक पासबुक भी समूह सखी चंद्र प्रभा के पास ही रहती हैं। करीब दो लाख रुपये के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से निकासी का दावा भी सामने आया है। ऐसे में बैंक खाते के लेनदेन, निकासी की तारीखों, हस्ताक्षरों और संबंधित अभिलेखों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारी तय हो सके।
मामले में संबंधित अधिकारियों से मांग की जा सकती है कि महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जाए, बैंक रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाए और समूह की पासबुक व वित्तीय दस्तावेजों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही केवाईसी के नाम पर वसूली की शिकायतों की भी जांच होनी चाहिए।
इस मौके पर रोशनी, कुसुम, रचना, ओमवती, विद्यावती, समीक्षा, नीरज शाक्य, शिखा, दिशा आदि मौजूद रहीं।