डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जारी किए निर्देश, संबंधित कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में आदेश का होगा प्रचार-प्रसार
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 में मतदान करने वाले पात्र सरकारी कर्मचारियों को विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान में भाग लेने के लिए यह सुविधा मिलेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों और कार्यालयाध्यक्षों को शासनादेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
पात्र मतदाताओं को मतदान के लिए मिलेगी छुट्टी
जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में विशेष आकस्मिक अवकाश की सुविधा उन सरकारी कर्मचारियों को दी जाएगी, जो संबंधित खंड स्नातक अथवा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के बोनाफाइड मतदाता हैं। इसका उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना है।
प्रशासन का जोर है कि सरकारी कार्यों की जिम्मेदारी निभाने के कारण कोई भी पात्र कर्मचारी मतदान से वंचित न रहे। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देशों की जानकारी कर्मचारियों तक समय से पहुंचाने को कहा गया है। पात्रता रखने वाले कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाई जाएगी सूचना
जिलाधिकारी ने आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक, उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों तथा नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संबंधित कर्मचारियों तक सूचना पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा सभी संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर आदेश प्रदर्शित कराने को कहा गया है, ताकि पात्र कर्मचारी समय रहते अवकाश के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। शिक्षण संस्थानों को भी अपने यहां कार्यरत पात्र मतदाताओं को इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों का पालन कराने की जिम्मेदारी अधिकारियों पर
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि शासनादेश के तहत पात्रता रखने वाले कर्मचारियों को मतदान के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। संबंधित अधिकारियों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
प्रशासन की इस व्यवस्था से पात्र सरकारी कर्मचारियों को मतदान में भाग लेने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही, निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।