उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को निर्धारित पेंशन का पूरा भुगतान नहीं मिलने का मामला सामने आया है। पेंशनर्स कल्याण समिति ने आरोप लगाया है कि वर्तमान व्यवस्था में उन्हें निर्धारित पेंशन का केवल लगभग 34 प्रतिशत ही मिल रहा है। इस समस्या के समाधान और पूर्ण पेंशन बहाल कराने की मांग को लेकर समिति ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन ददरौल विधायक अरविंद सिंह को सौंपा है।
समिति ने मांग की है कि गन्ना शोध परिषद की नियमावली के अनुसार सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को अन्य राजकीय विभागों की तरह पूरी पेंशन का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। पदाधिकारियों का कहना है कि पेंशन में कटौती से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
जुलाई 2019 तक मिल रही थी पूरी पेंशन
पेंशनर्स कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में बताया कि गन्ना शोध परिषद के पेंशनर्स को जुलाई 2019 तक पूर्ण पेंशन का भुगतान किया जा रहा था। इसके बाद तत्कालीन अपर मुख्य सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग की ओर से पेंशन भुगतान रोककर स्ववित्तपोषित योजना के नियम लागू कर दिए गए।
समिति का आरोप है कि यह व्यवस्था मनमाने ढंग से लागू की गई, जो अब तक जारी है। पदाधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के अन्य राजकीय विभागों में इस तरह की व्यवस्था लागू नहीं है। ऐसे में गन्ना शोध परिषद के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ अलग व्यवस्था अपनाए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।
निर्धारित पेंशन का 34 प्रतिशत ही मिलने का दावा
समिति के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को उनकी निर्धारित पेंशन का लगभग 34 प्रतिशत ही मिल पा रहा है। इससे पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। समिति ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय का प्रमुख सहारा पेंशन होती है। ऐसे में पूरी पेंशन नहीं मिलने से कर्मचारियों को अपनी जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो सकती है।
पेंशनर्स कल्याण समिति ने इस व्यवस्था की समीक्षा कर परिषद की नियमावली के अनुरूप पेंशन भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि अन्य राजकीय विभागों की तरह पूर्ण पेंशन मिलने से सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
परिषद की आय घटने से भविष्य की चिंता बढ़ी
समिति ने ज्ञापन में परिषद की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया है। पदाधिकारियों के मुताबिक, परिषद का काफी कृषि क्षेत्रफल अन्य विभागों को दिए जाने के कारण उसकी आय लगातार घट रही है, जबकि पेंशनर्स की संख्या बढ़ती जा रही है। समिति का कहना है कि आय में कमी और पेंशनर्स की बढ़ती संख्या के बीच मौजूदा व्यवस्था में भविष्य में पेंशन बढ़ोतरी की संभावनाएं भी सीमित होती जा रही हैं। ऐसे में पेंशन भुगतान की समस्या का समय रहते समाधान करना जरूरी है।
पेंशनर्स कल्याण समिति ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि परिषद की नियमावली के अनुसार वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को अन्य राजकीय विभागों की भांति पूर्ण पेंशन का भुगतान कराया जाए। समिति को उम्मीद है कि सरकार इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक राहत प्रदान करेगी।
ज्ञापन देने वालों में समिति के अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सिंह, महासचिव पवन कुमार सिंह, उपसचिव हरपाल सिंह, संजय कुमार सक्सेना, किशोरी सिंह, विराग सक्सेना, ब्रह्मानंद श्रीवास्तव, राजेंद्र कुमार धुसिया, वीरपाल सहित अन्य पेंशनर्स उपस्थित रहे।