विकास भवन सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में डीएम ने किसानों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने और विभागीय स्तर पर किसी तरह की लापरवाही न बरतने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी सहित कृषि एवं कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी, कृषक प्रतिनिधि और 33 प्रगतिशील किसान शामिल हुए।
पशु बीमा की राशि बढ़ाने के लिए शासन को भेजा जाएगा पत्र
किसान दिवस में किसानों की समस्याओं और सुझावों पर चर्चा के दौरान जिलाधिकारी ने पशु बीमा योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि में वृद्धि किए जाने के संबंध में शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। वहीं कार्बन क्रेडिट के संबंध में प्रस्तुतीकरण उपलब्ध नहीं कराने पर डीएम ने डीएफओ से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक की शुरुआत जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर ने पिछली किसान दिवस बैठक में किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी देकर की। उन्होंने रबी सत्र 2026-27 के लिए अनुदान पर बीज और निशुल्क बीज मिनी किट प्राप्त करने की बुकिंग प्रक्रिया के बारे में किसानों को बताया।
उन्होंने बताया कि किसान कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.up.gov.in के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या राजकीय कृषि बीज भंडार पर कार्यालय समय में पहुंचकर भी बुकिंग कराई जा सकती है।
ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित किसानों के मोबाइल फोन पर संदेश भेजा जाएगा। इसके आधार पर किसान अपने विकासखंड के राजकीय कृषि बीज भंडार से तोरिया मिनीकिट बीज प्राप्त कर सकेंगे। किसानों से समय से बुकिंग कर योजना का लाभ उठाने की अपील की गई।
अनुदान पर कृषि रक्षा रसायन खरीदने की सुविधा
जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि किसानों को एट-सोर्स पर अनुदान की कार्रवाई कृषि विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। इसके तहत किसान अपने विकासखंड की कृषि रक्षा इकाई से रसायन खरीदने के बाद केवल कृषक अंश का भुगतान करेंगे।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. महेश कुमार ने हाल में हुई बारिश के बाद फसलों के बचाव और प्रबंधन के बारे में किसानों को जानकारी दी। उन्होंने धान की फसल की अंतिम अवस्था में बालियां सूखने पर प्रोफेनोफॉस साइपरमेथ्रिन (40%+40%) का 250 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने की जानकारी दी। गोभ दुग्ध अवस्था में टेबूकोनाजोल, प्रोपीकोनाजोल या हेक्साकोनाजोल 400 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से प्रिकॉशनरी छिड़काव की सलाह दी गई। रोग का प्रकोप होने पर क्लोरोथेलोनिल के छिड़काव की जानकारी भी दी गई।
तिलहनी फसलों की बुवाई के लिए किसानों को सलाह
कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि तिलहनी फसलों की बुवाई के लिए 15 सितंबर से उपयुक्त समय शुरू हो जाता है। किसानों को 8 से 10 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर बीज दर रखने और लाइन से लाइन की दूरी 30 सेंटीमीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखने की सलाह दी गई।
उन्होंने तिलहनी फसलों में डीएपी की जगह सिंगल सुपर फास्फेट के इस्तेमाल की सलाह दी। बताया कि इसमें फास्फोरस के साथ सल्फर और कैल्शियम भी होता है, जिससे तेल की मात्रा और गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलती है। किसानों को बीजोपचार करने की भी सलाह दी गई।
पत्तियों पर धब्बे दिखाई देने पर मैंकोजेब/कार्बेंडाजिम और माहू या चेपा कीट के नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड के छिड़काव की जानकारी दी गई।
छह लाख तक ऋण और 35 से 50 प्रतिशत तक अनुदान की जानकारी
जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी। उन्होंने बताया कि इच्छुक किसान आवेदन प्रक्रिया पूरी कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करा सकते हैं। इसके बाद विभाग की ओर से आवेदन को ऋण के लिए बैंक को भेजा जाता है।
उन्होंने बताया कि छोटे और सीमांत किसानों को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण छह प्रतिशत की रियायती वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और मूल्य संवर्धन इकाइयों के लिए परियोजना लागत पर 35 से 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
लंपी स्किन रोग से बचाव के लिए निशुल्क टीकाकरण
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों को लंपी स्किन रोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुओं के टीकाकरण का अभियान शुरू हो चुका है और पशुओं का निशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अभियान का लाभ उठाने की अपील की।
बैठक में उप कृषि निदेशक पुरुषोत्तम कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती, भूमि संरक्षण अधिकारी (गोमती) रामप्रकाश राण, सहायक अभियंता नलकूप नरोत्तम लाल दिवाकर, जिला प्रबंधक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शमी आलम समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कृषक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अंत में जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर ने सभी अधिकारियों और किसानों का आभार जताया और किसान दिवस कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।