मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के प्रति समर्पण की मिसाल पेश करते हुए मृदुला शुक्ला ने मृत्यु के बाद अपना शरीर चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के लिए दान कर दिया। उनका निधन 15 सितंबर 2026 को हुआ। पूर्व में व्यक्त उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों ने उनका पार्थिव शरीर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, शाहजहांपुर के मानव शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) विभाग को सौंप दिया।
मृदुला शुक्ला का यह कदम चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। देहदान के माध्यम से मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अध्ययन के साथ चिकित्सा क्षेत्र में शोध के लिए भी उपयोगी सामग्री उपलब्ध होगी।
मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन में मिलेगी मदद
मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के मुताबिक देहदान चिकित्सा शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना और विभिन्न अंगों का व्यावहारिक अध्ययन करने में इससे सहायता मिलती है। मृदुला शुक्ला का देहदान आने वाली पीढ़ियों के चिकित्सकों की शिक्षा में योगदान देगा।
अधिकारियों ने उनके इस पुनीत कार्य को समाज और चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी मृदुला शुक्ला का शरीर चिकित्सा विद्यार्थियों की शिक्षा और शोध में उपयोगी रहेगा। उनका यह योगदान मेडिकल कॉलेज में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
परिजनों ने इच्छा का किया सम्मान
मृदुला शुक्ला ने जीवनकाल में ही देहदान की इच्छा व्यक्त की थी। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी इच्छा को प्राथमिकता देते हुए पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया। यह कदम समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण संदेश देता है।
चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि समाज के अन्य लोगों को भी ऐसे मानवीय और प्रेरणादायी कार्यों से सीख लेनी चाहिए। देहदान से चिकित्सा विद्यार्थियों को वास्तविक मानव शरीर के अध्ययन का अवसर मिलता है, जिससे उनके व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करने में मदद मिलती है।
मृदुला शुक्ला का देहदान यह संदेश देता है कि मानव जीवन के बाद भी समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए योगदान दिया जा सकता है। उनका यह निर्णय चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा।