₹500 से ₹1000 अतिरिक्त वसूली कर बेचते थे टिकट, आरपीएफ की कार्रवाई में एक गिरफ्तार,3 फरार
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट कासगंज और अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) कासगंज की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन उपलब्ध के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे ई-टिकटों के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। टीम ने निजी (Personal) IRCTC यूजर आईडी का व्यवसायिक उपयोग कर रेलवे ई-टिकट और काउंटर आरक्षण केंद्र से टिकट बनाकर बेचने वाले अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के तीन अन्य आरोपी फरार हैं।
यह कार्रवाई वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल इज्जतनगर मिथुन सोनी तथा सहायक सुरक्षा आयुक्त मोहम्मद असलम के निर्देशन में दलालों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
आरपीएफ के अनुसार, 25/26 जुलाई की रात रेलवे स्टेशन कासगंज के आरक्षण केंद्र के पास से ताजुद्दीन उर्फ ताजू (30 वर्ष), पुत्र निजामुद्दीन, निवासी नई बस्ती बैरागी पुरवा, तुलसीपुर, जिला बलरामपुर को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से पर्सनल आईआरसीटीसी यूजर आईडी पर बनाई गई ई-टिकटें और काउंटर से जारी टिकटों की छायाप्रतियां बरामद हुईं। आरोपी के विरुद्ध पहले भी आरपीएफ पोस्ट लालकुआं और बरेली सिटी में मामले दर्ज हैं।
तीन आरोपी अभी भी फरार
मामले में जुबैर पुत्र रहीसुद्दीन निवासी एजाज नगर गोटिया, बरेली, रियासत उर्फ सज्जाद तथा एक अन्य अज्ञात आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार जुबैर और रियासत के विरुद्ध भी पहले से आरपीएफ में मुकदमे दर्ज हैं।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ में सामने आया कि ताजुद्दीन व्हाट्सएप और फोन के जरिए यात्रियों की टिकट संबंधी जानकारी अपने साथियों को भेजता था। फरार आरोपी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न रेलवे आरक्षण केंद्रों से टिकट बनवाकर बस और ट्रेन के माध्यम से कासगंज भेजते थे। इसके अलावा पर्सनल IRCTC यूजर आईडी से भी टिकट बुक कर ग्राहकों को उपलब्ध कराई जाती थीं। गिरोह प्रत्येक टिकट पर ₹500 से ₹1000 तक अतिरिक्त सेवा शुल्क वसूलकर अवैध कमाई करता था। जांच में प्रतिबंधित (Prohibited) सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के कोई साक्ष्य नहीं मिले।
ये सामान हुआ बरामद
आरपीएफ ने आरोपी के कब्जे से छह लाइव सामान्य श्रेणी ई-टिकट (कीमत ₹6,650), चार यात्रा पूरी हो चुकी ई-टिकट (कीमत ₹8,604), सात काउंटर टिकटों की छायाप्रतियां (कीमत ₹26,795), एक भरा और पांच खाली आरक्षण मांग पत्र, एक एचपी लैपटॉप तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि टिकट बुकिंग के लिए मोबाइल डेटा का उपयोग किया जाता था तथा भुगतान पेटीएम के माध्यम से लिया जाता था। आरोपी ताजुद्दीन अपने साथियों को भी पेटीएम के जरिए भुगतान करता था।
रेल अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
प्रथम दृष्टया मामला रेल अधिनियम, 1989 की धारा 143 के अंतर्गत प्रमाणित पाए जाने पर आरपीएफ पोस्ट कासगंज में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सील कर जब्त कर लिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम में निरीक्षक नरेश कुमार मीना, उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार, हेड कांस्टेबल धारा सिंह मीना, कांस्टेबल सुभाष चंद्र और कांस्टेबल विजय (सीआईबी कासगंज) शामिल रहे। मामले की विवेचना निरीक्षक नरेश कुमार मीना कर रहे हैं।