जागरण टुडे, मथुरा।
दिल्ली में पेपर लीक प्रकरण को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को जनवादी लेखक संघ (जलेस) की मथुरा इकाई ने विकास बाजार स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
धरने का नेतृत्व जलेस के अध्यक्ष टीकेन्द्र सिंह 'शाद' ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों और विशेष रूप से छात्रों को अपनी समस्याओं और मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। ऐसे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना निंदनीय और अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से करना चाहिए।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से देश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील रवैया अपनाने की आवश्यकता है, न कि दमनात्मक कार्रवाई की।
जलेस पदाधिकारियों ने मांग की कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की भी मांग की गई।
धरने के दौरान जलेस के सचिव डॉ. धर्मराज, संस्कृतिकर्मी सुनील आचार्य, साहित्यकार अंजू मिश्रा, पत्रकार विवेक मथुरिया, अर्पित जादोन, निहारिका चतुर्वेदी सहित अनेक लेखक, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।