ऑपरेशन 'उपलब्ध' के तहत आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, दो पर मुकदमा दर्ज, एक फरार
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
रेलवे यात्रियों को पारदर्शी एवं निष्पक्ष टिकटिंग सुविधा उपलब्ध कराने तथा रेलवे ई-टिकटों की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन उपलब्ध" के तहत सिढ़पुरा में बड़ी कार्रवाई की गई। रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट कासगंज एवं अपराध आसूचना शाखा, इज्जतनगर की संयुक्त टीम ने एटा रोड स्थित सुमित जनसेवा केंद्र पर छापेमारी कर रेलवे ई-टिकटों के कथित अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया।
कार्रवाई के दौरान ₹1,67,201.40 मूल्य के 89 रेलवे ई-टिकट, रेडमी कंपनी का एक लैपटॉप, एप्सन कंपनी का एक प्रिंटर, डेल कंपनी का एक कीबोर्ड, एचपी कंपनी का एक माउस तथा मोटोरोला जी-45 फाइव-जी मोबाइल फोन बरामद कर विधिवत जब्त एवं सीलबंद किए गए।
रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मिथुन सोनी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान जनसेवा केंद्र पर शुम्भव्रत गुप्ता पुत्र ध्रुव प्रकाश गुप्ता एवं सुमित गुप्ता पुत्र ध्रुव प्रकाश गुप्ता निवासी गंगानगर वाला रोड, सिढ़पुरा मिले। जांच शुरू होते ही शुम्भव्रत गुप्ता मौके से फरार हो गया, जबकि सुमित गुप्ता को मौके पर रोककर उसके सामने डिजिटल उपकरणों और अभिलेखों की विस्तृत जांच की गई।
जांच में सामने आया कि दोनों भाई मिलकर भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की निजी उपयोगकर्ता आईडी का व्यावसायिक उपयोग कर रेलवे टिकट बुक करते थे और ग्राहकों से प्रति टिकट ₹250 से ₹500 तक अतिरिक्त सेवा शुल्क लेकर उन्हें उपलब्ध कराते थे। जांच में शुम्भरत, शुम्भव्रत, सुब्रतएसडीपी, सुमितजीएसडीपी, सुमितएसडीपी एवं सुमितसिढ़ नाम से संचालित कुल छह निजी आईआरसीटीसी उपयोगकर्ता आईडी का इस्तेमाल किया जाना पाया गया।
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित जनसेवा केंद्र के पास आईआरसीटीसी की अधिकृत एजेंसी थी, जिसकी वैधता 31 मार्च 2026 तक थी। एजेंसी समाप्त होने के बावजूद निजी उपयोगकर्ता आईडी के माध्यम से व्यावसायिक रूप से रेलवे ई-टिकटों की बुकिंग जारी रखी जा रही थी, जो रेलवे नियमों का उल्लंघन है।
डिजिटल जांच में कुल 89 रेलवे ई-टिकट मिले, जिनका कुल मूल्य ₹1,67,201.40 पाया गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि टिकट बुकिंग के लिए जियो वाई-फाई तथा आवश्यकता पड़ने पर जियो मोबाइल इंटरनेट का उपयोग किया जाता था। ऑनलाइन भुगतान के लिए सुमित गुप्ता अपने कैनरा बैंक खाते एवं उससे जुड़े यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) का उपयोग करता था, जबकि शुम्भव्रत गुप्ता अपने भारतीय स्टेट बैंक खाते एवं उससे जुड़े यूपीआई के माध्यम से रेलवे टिकटों का भुगतान करता था।
जांच के दौरान किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं पाया गया। प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने पर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट कासगंज में रेल अधिनियम, 1989 की धारा 143 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 526/26 दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मौके पर मौजूद सुमित गुप्ता को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 35(3) के अंतर्गत नोटिस तामील किया गया है, जबकि फरार आरोपी शुम्भव्रत गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
कार्रवाई करने वाली संयुक्त टीम
इस संयुक्त कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट कासगंज के प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार मीना, अपराध आसूचना शाखा इज्जतनगर के निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार, रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट कासगंज के उपनिरीक्षक एवं विवेचक प्रवीण कुमार, उपनिरीक्षक नाहर सिंह मीना, अपराध आसूचना शाखा कासगंज के मुख्य आरक्षी धारासिंह मीना तथा कांस्टेबल सुभाषचंद्र शामिल रहे।
रेलवे सुरक्षा बल की जनहित में अपील
रेलवे सुरक्षा बल ने आम नागरिकों से अपील की है कि रेलवे टिकट केवल अधिकृत माध्यमों से ही बुक कराएं। यदि कहीं रेलवे टिकटों की अवैध बिक्री या दलाली की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल अथवा रेलवे हेल्पलाइन 139 पर दें, ताकि रेलवे टिकटों की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।