उत्तर प्रदेश के बरेली में मंगलवार को एक बड़ी वारदात होने से बच गई। एक महिला ने एसएसपी बरेली कार्यालय के बाहर खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। गनीमत यह रही की महिला आग लगा पाती इससे पहले मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए दौड़कर उसे पकड़ लिया। महिला का आरोप है कि बहेड़ी थाना पुलिस ने उसकी फरियाद नहीं सुनी, जिससे वह मानसिकतनाव में आ गई। महिला को समझाने के बाद एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने उसकी काउंसलिंग की। इसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
मारपीट के मामले में कार्रवाई न होने का लगाया आरोप
बहेड़ी थाना क्षेत्र के उलैहतापुर गांव निवासी मीना का आरोप है कि 4 मार्च की रात उनके बेटे अवनीत का गांव के अजीत, बबलू, हरपाल और सुरेश से डीजे के भुगतान को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि चारों ने मिलकर मीना के बेटे के साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंची मीना के साथ भी मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
मीना ने बताया कि घटना के बाद बहेड़ी पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की। न्याय की मांग को लेकर महिला ने कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं मिला। इससे आहत होकर वह मंगलवार दोपहर वह बोतल में डीजल लेकर एसएसपी कार्यालय जा पहुंचीं। वहां पहुंचकर उसने बोतल में साथ लाई डीजल खुद पर डाल लिया और आत्मदाह की बात कहने लगीं।
पुलिस कर्मियों की सतर्कता से टली घटना
महिला की हरकत देखते ही एसएसपी कार्यालय के गेट पर तैनात पुलिस कर्मी तुरंत सक्रिय हुए और उसे आत्मदाह करने से पहले ही रोक लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। फौरन इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी गई। एसएसपी कार्यालय में आत्मदाह की सूचना पर कई अधिकारी मौके पर जा पहुंचे।
एसपी साउथ ने की काउंसलिंग
घटना के समय एसपी साउथ अंशिका वर्मा जनसुनवाई कर रही थीं। उन्होंने महिला से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली और उसे शांत कराया। इसके बाद महिला थाना पुलिस को बुलाकर उसकी काउंसलिंग कराई गई तथा स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
पुलिस बोली- चार्जशीट कोर्ट में दाखिल, मामला विचाराधीन
इस मामले में सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि महिला की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान मामले में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गईं और 20 मई को चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी गई। मामला वर्तमान में अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि महिला आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी, जिसे कानूनी स्थिति से अवगत करा दिया गया है।