जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद के थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के गांव कादरगंज पुख्ता की 48 वर्षीय मीना देवी पत्नी नत्थू सिंह के लापता होने का मामला अब हत्या के आरोपों तक पहुंच गया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध अपहरण, हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं महिला का शव अब तक बरामद न होने और मामले के शीघ्र खुलासे की मांग को लेकर मंगलवार सुबह करीब 9 बजे से गंजडुंडवारा-बदायूं हाईवे पर ग्रामीणों, परिजनों एवं विभिन्न संगठनों के लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो समाचार लिखे जाने तक दोपहर 2 बजे भी जारी रहा। करीब 5 घंटे से अधिक समय तक चले जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मृतका के पुत्र विक्रम सिंह ने बताया कि उनकी मां ने गांव के ही सददाम पुत्र अजीम को लगभग ₹1.85 लाख ब्याज पर दिए थे। आरोप है कि 6 जुलाई की शाम करीब 8 बजे सददाम ने रुपये लौटाने के बहाने मीना देवी को बुलाया था। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
परिजनों के अनुसार 8 जुलाई को महिला की गुमशुदगी दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने सददाम को हिरासत में लेकर कई दिनों तक पूछताछ की। आरोप है कि 13 जुलाई को पुलिस ने मृतका के पुत्र राजेन्द्र सिंह से सददाम के विरुद्ध तहरीर देने को कहा। उसी रात परिजन कादरगंज चौकी पहुंचे, जहां उनकी मौजूदगी में सददाम से पूछताछ की गई। परिजनों का दावा है कि पूछताछ के दौरान सददाम ने मीना देवी की हत्या किए जाने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने परिजनो की तहरीर पर सददाम पुत्र अजीम, आफताब पुत्र जमील, सादाब पुत्र शब्बन तथा शोएब पुत्र सगीर के विरुद्ध अपहरण, हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
वही पुलिस जांच के दौरान महिला की चप्पल बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक महिला का शव बरामद नहीं हो सका था। पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर शव की तलाश में जुटी हैं और आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव, सददाम के घर की ओर दौड़े बजरंग दल कार्यकर्ता
हाईवे पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब कुछ बजरंग दल कार्यकर्ता आरोपी सददाम के घर की ओर दौड़ पड़े। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर तैनात पुलिसकर्मी तत्काल उनके पीछे दौड़े और कार्यकर्ताओं को रोककर अपने कब्जे में ले लिया।
इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद ग्रामीण और अन्य प्रदर्शनकारी भी आक्रोशित हो गए तथा पुलिस से बजरंग दल कार्यकर्ताओं को छोड़ने की मांग करने लगे। कुछ देर तक मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने की अपील की और समझाने-बुझाने के बाद उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद स्थिति दोबारा सामान्य हुई, हालांकि प्रदर्शन और जाम जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि महिला का शव जल्द बरामद किया जाए, पूरे मामले का शीघ्र खुलासा किया जाए तथा सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जाम स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से वार्ता करते रहे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक न तो जाम समाप्त हुआ था और न ही प्रदर्शन।
मीना देवी अपने पीछे तीन पुत्र और तीन पुत्रियों का परिवार छोड़ गई हैं। उनके पुत्र विक्रम सिंह (30), राजेन्द्र सिंह (20) और शिवम (18) हैं। पुत्रियों में माया देवी और खुशबू विवाहित हैं, जबकि सुमन अविवाहित हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक महिला का शव बरामद नहीं होता और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।