जागरण टुडे, मथुरा।
प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद में चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी खोज अभियान के अंतर्गत सोमवार को मंडोना रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन के सहयोग से गोवर्धन, बरसाना, बलदेव और फरह क्षेत्र के 600 से अधिक उपचाररत टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ नियमित उपचार, सरकारी योजनाओं और परिवार के सदस्यों की समय पर जांच के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों को आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया की जानकारी दी। मौके पर ही 300 से अधिक मरीजों का फेस ऑथेंटिकेशन कराया गया, ताकि निक्षय पोर्टल पर उनकी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकें और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने कहा कि टीबी का सफल उपचार केवल दवा लेने से ही नहीं, बल्कि पौष्टिक भोजन और चिकित्सकीय सलाह का नियमित पालन करने से भी संभव है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीज के साथ रहने वाले परिवार के सदस्य संक्रमण के अधिक जोखिम में रहते हैं। ऐसे में सभी निकट संपर्कों की चेस्ट एक्स-रे और आवश्यक टीबी जांच कराना बेहद जरूरी है, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके।
उन्होंने बताया कि 24 मार्च से शुरू हुए 100 दिवसीय सघन टीबी खोज अभियान के तहत जिले के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लगातार स्क्रीनिंग, चेस्ट एक्स-रे और एनएएटी जांच कराई जा रही है। अभियान का उद्देश्य संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से उपचाररत मरीजों को पोषण सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों से अपील की कि वे टीबी की दवा बीच में न छोड़ें और नियमित रूप से फॉलोअप कराते रहें। साथ ही यदि परिवार या आसपास किसी व्यक्ति में लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या अन्य टीबी संबंधी लक्षण दिखाई दें तो तत्काल जांच कराएं। अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच और पूरा उपचार ही टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने की सबसे बड़ी कुंजी है।
कार्यक्रम में टीबी चैंपियन अरविंद कुमार, प्रखर शंकर, लक्ष्मीकांत गौर, डॉ. आर. चंद्रावली, पंकज यादव, मंजीत, मुकेश, संजय, अनुप, निश्चल, शिव, तेजवीर, आकाश, राजेश और नवल सहित स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्था के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।