श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए गीता शोध संस्थान, वृंदावन परिसर स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में शुक्रवार को मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जन्मोत्सव की तैयारियों से जुड़े विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और समन्वित तरीके से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र सहित प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निकाय, पर्यटन, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मथुरा-वृंदावन के प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया जाए। विद्युत पोलों पर तिरंगा लाइटिंग की व्यवस्था की जाए, जिससे पूरे शहर में उत्सव का वातावरण दिखाई दे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख मार्गों पर स्वागत द्वार स्थापित किए जाएं।
उन्होंने यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जन्माष्टमी से पहले ट्रैफिक डायवर्जन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी निर्धारित रूटों पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने, पार्किंग स्थलों की नंबरिंग कराने तथा दिशा-सूचक साइन बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए।
मंडलायुक्त ने सांस्कृतिक आयोजनों को जन्मोत्सव की विशेष पहचान बताते हुए कहा कि जनपद के सभी ओपन एयर थिएटर और ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों में देश, प्रदेश तथा ब्रज क्षेत्र के ख्यातिप्राप्त कलाकारों को शामिल किया जाए। इसके अलावा प्रमुख चौराहों और मार्गों पर छोटे एवं बड़े मंच स्थापित कर जन्माष्टमी से सात दिन पूर्व ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख स्थलों पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी विकसित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
बैठक में स्वास्थ्य, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और चिकित्सा सेवाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। भंडारों के आयोजन के लिए नियमानुसार समय पर अनुमति जारी की जाए तथा सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं को सरल, सुगम और सुलभ दर्शन उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और प्रत्येक व्यवस्था का समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाए।
आपदा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए मंडलायुक्त ने सभी प्रमुख स्थानों पर अग्निशमन वाहनों और एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बाइक एम्बुलेंस की विशेष व्यवस्था करने, स्वास्थ्य शिविरों में 24 घंटे चिकित्सकों एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा सरकारी एवं निजी अस्पतालों की मैपिंग कर समन्वित चिकित्सा व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए।
श्रद्धालुओं तक कार्यक्रम की जानकारी और दर्शन व्यवस्था पहुंचाने के लिए सूचना विभाग को एलईडी वैन एवं एलईडी स्क्रीन के माध्यम से लाइव दर्शन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही होर्डिंग, स्टैंडी और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए जन्मोत्सव-2026 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने सभी विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना के अनुरूप तैयारियां पूर्ण करने तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी-2026 के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और यादगार अनुभव प्राप्त हो सके।