पटियाली सीएचसी अधीक्षक ने हीट स्ट्रोक से बचाव, पर्याप्त पानी, संतुलित आहार और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की दी सलाह
जागरण टूडे, राहुल गुप्ता, पटियाली।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पटियाली की अधीक्षक डॉ. शिवा श्री तिवारी ने भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों की विशेष देखभाल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। ऐसे में सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
डॉ. तिवारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए। यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़े तो सिर को ढककर निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से बचने के लिए ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी तथा अन्य तरल पदार्थों का सेवन लाभकारी होता है। साथ ही ताजे फल, हरी सब्जियां और संतुलित भोजन को दैनिक आहार में शामिल करें।
उन्होंने कहा कि नवजात और छोटे बच्चों को भी तेज धूप तथा अत्यधिक गर्म वातावरण से बचाकर रखें। बच्चों को हल्के सूती कपड़े पहनाएं, समय-समय पर स्तनपान या पर्याप्त तरल पदार्थ दें और उन्हें लंबे समय तक धूप में न रहने दें। यदि बच्चे को तेज बुखार, उल्टी, सुस्ती, चक्कर या शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ा हुआ महसूस हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
डॉ. शिवा श्री तिवारी ने बताया कि हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर देरी करना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं, शरीर को ठंडा करने का प्रयास करें तथा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल उपचार कराएं।
उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं से नियमित प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) समय पर कराने और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर स्वयं इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी सतर्कता अपनाकर भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रहा जा सकता है।