बरेली में दो बार रहे तैनात, सांप्रदायिक दंगे के दौरान संभाली थी कानून-व्यवस्था
उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा (पीपीएस) से भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नत हुए राजकुमार अग्रवाल की छवि तेजतर्रार और अनुशासित अधिकारियों में रही है। करीब ढाई दशक के पुलिस सेवा अनुभव के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से अलग पहचान बनाई। बरेली समेत विभिन्न जिलों में मिली जिम्मेदारियों को उन्होंने चुनौती के रूप में स्वीकार किया और कई संवेदनशील परिस्थितियों में अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। वर्तमान में वह मथुरा में तैनात हैं।
बरेली से उनका विशेष जुड़ाव रहा है। वर्ष 2012 में उन्होंने सीओ सिटी प्रथम और सीओ सिटी द्वितीय के पद पर कार्य किया। उस समय शहर सांप्रदायिक तनाव के कठिन दौर से गुजर रहा था। बानखाना, कोहाड़ापीर, गुद्दड़बाग और जगतपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में हालात नियंत्रित करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई। लगातार संवाद, त्वरित निर्णय और प्रभावी पुलिसिंग के जरिए उन्होंने हालात सामान्य कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों समुदायों के बीच विश्वास बहाल करने के प्रयासों की उस समय वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सराहना की थी।
वर्ष 2021 में एसपी देहात के रूप में बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। फतेहगंज पूर्वी, फतेहगंज पश्चिमी, फरीदपुर, मीरगंज समेत कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई कर कई गिरोहों को ध्वस्त किया गया। केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को भी चिन्हित किया गया। उनके नेतृत्व में एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत पहली बार बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए नशा कारोबार से जुड़े माफियाओं की लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त एवं कुर्क कराई गईं। इस कार्रवाई के बाद जिले में सक्रिय अपराधी गिरोहों में हड़कंप मच गया।
राजकुमार अग्रवाल की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पक्ष जनसंपर्क भी रहा है। वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम लोगों की समस्याएं सुनने और संवाद के जरिए विवादों के समाधान पर भी जोर देते रहे। संवेदनशील मामलों में उनकी शांत कार्यशैली और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण उन्हें लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती रहीं।
वर्ष 1999 बैच के पीपीएस अधिकारी राजकुमार अग्रवाल मूल रूप से हमीरपुर जिले के राठ कस्बे के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल और लखनऊ में हुई। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2003 में झांसी से पुलिस सेवा का सफर शुरू करने के बाद उन्होंने जालौन, बरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और हापुड़ समेत कई जिलों में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। कानपुर नगर में एसपी सिटी और बरेली में एसपी देहात रहे। अब आईपीएस पदोन्नति के साथ उनके पुलिस करियर में एक नई उपलब्धि जुड़ गई है।