बार-बार नोटिस के बावजूद नहीं हुआ किसानों का भुगतान, डीएम के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। सोरोंजी थाना क्षेत्र के नगरिया स्थित शेरवानी शुगर सिंडिकेट लिमिटेड (न्यौली चीनी मिल) के प्रबंधन पर गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न करने के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी प्रणय सिंह के निर्देश पर चीनी मिल के प्रबंध निदेशक (एमडी), यूनिट हेड और एजीएम (लेखा/वित्त) के खिलाफ सोरोंजी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
जिला सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड के सचिव प्रदीप कुमार वर्मा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, पेराई सत्र 2025-26 में न्यौली चीनी मिल ने 22 नवंबर 2025 से पेराई शुरू कर 2 फरवरी 2026 तक 10.37 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की थी। शासन द्वारा निर्धारित मूल्य के अनुसार खरीदे गए गन्ने का कुल भुगतान लगभग 41.23 करोड़ रुपये तथा गन्ना विकास अंशदान 57.06 लाख रुपये देय था।
नियमानुसार गन्ना खरीद के 14 दिनों के भीतर किसानों को भुगतान किया जाना अनिवार्य है, लेकिन मिल प्रबंधन ने समय सीमा का पालन नहीं किया। जिला गन्ना अधिकारी, उप गन्ना आयुक्त बरेली, आयुक्त गन्ना एवं चीनी उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी की ओर से कई बार नोटिस और चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
19 जून 2026 तक मिल पर किसानों का 19.18 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य तथा 27.06 लाख रुपये गन्ना विकास अंशदान बकाया रहा। इस प्रकार कुल बकाया राशि करीब 19.45 करोड़ रुपये पहुंच गई। भुगतान न मिलने से किसान लगातार अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रणय सिंह के निर्देश पर सचिव प्रदीप कुमार वर्मा ने सोरोंजी कोतवाली में तहरीर दी। इसके आधार पर मिल के प्रबंध निदेशक कुणाल यादव, यूनिट हेड इसरार अहमद तथा एजीएम (लेखा/वित्त) वेदप्रकाश शुक्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने बताया कि तीनों अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।