जागरण टूडे, कासगंज।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती रेनू गौड़ ने जनपद कासगंज में छात्र-छात्राओं तथा आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए व्यापक अग्नि सुरक्षा एवं विद्युत सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित सभी ऐसे संस्थानों में, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है अथवा विद्युत भार अधिक रहता है, वहां सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बताया कि कोचिंग संस्थान, विद्यालय, महाविद्यालय, पुस्तकालय, जिम, छात्रावास, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बहुमंजिला भवन तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), सुरक्षित विद्युत वायरिंग, दिशा-सूचक संकेतक तथा आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।
श्रीमती रेनू गौड़ ने कहा कि हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्निकांड की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर दुर्घटनाओं को जन्म दे सकती है। ऐसे में प्रत्येक संस्थान संचालक की जिम्मेदारी है कि वह अपने परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से मजबूत करे और नियमित रूप से उनकी समीक्षा भी कराए।
उन्होंने संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर जनपद में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने पर जोर दिया। इस अभियान के तहत विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, उनकी कार्यशीलता, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास और आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन या लापरवाही पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे संस्थानों का संचालन भी बंद कराया जा सकता है।
उन्होंने सभी संस्थान संचालकों से अपील की कि वे सुरक्षा उपायों को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि इसे अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल पूर्ण करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।