खाद्य एवं रसद विभाग की सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था के लिए बरेली मंडल में स्वीकृत टेंडरों को लेकर विभागीय हलकों में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि कुछ निविदाएं निर्धारित दरों से करीब 20 प्रतिशत तक कम दरों पर स्वीकार की गई हैं। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया की व्यवहारिकता और भविष्य में इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश सरकार ने खाद्य विभाग में टेंडर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवहारिक बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में खाद्य, रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में मनोज कुमार पांडेय की नियुक्ति के बाद विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा शुरू हुई है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव खाद्य रणवीर प्रसाद ने भी निविदा प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
कम दरों पर टेंडर को लेकर चर्चा
सूत्रों के अनुसार बरेली मंडल में सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था के लिए हुई निविदाओं में कुछ फर्मों ने बाजार की मौजूदा परिस्थितियों के विपरीत काफी कम दरों पर बोली लगाई। जबकि डीजल और परिवहन लागत में वृद्धि का हवाला दिया जा रहा है। ऐसे में विभाग के भीतर यह चर्चा है कि इतनी कम दरों पर कार्य करने की स्थिति में परिवहन व्यवस्था की गुणवत्ता और वित्तीय व्यवहारिकता कैसे सुनिश्चित होगी।
हालांकि अभी तक संबंधित फर्मों को कार्य आवंटन किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद टेंडर प्रक्रिया को लेकर विभागीय स्तर पर मंथन जारी है।
नए आरएमओ बोले, मामले की करेंगे समीक्षा
नवागत संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी (आरएमओ) राजेश उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया है। टेंडर प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक तथ्यों का अध्ययन करने के बाद ही कोई टिप्पणी की जा सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि शासन स्तर से जारी नए दिशा-निर्देश प्राप्त हो चुके हैं।
प्रमुख सचिव ने जारी किए हैं दिशा-निर्देश
प्रमुख सचिव खाद्य रणवीर प्रसाद द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि जिन मंडलों में आगामी महीनों में निविदा प्रक्रिया प्रस्तावित है, वहां निविदा शर्तों की समीक्षा के लिए समिति गठित की जाएगी। समिति की संस्तुतियों के आधार पर शासन आगे निर्णय लेगा।
निर्देशों में सिक्योरिटी मनी की पर्याप्तता, निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता, निविदाकर्ताओं के बीच संभावित दुरभिसंधि की रोकथाम और अव्यवहारिक दरों पर बोली स्वीकार न करने जैसे बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने वाले अनावश्यक तकनीकी कारणों से निविदाएं निरस्त न की जाएं और सभी प्रक्रियाएं विभागीय नियमावली के अनुरूप संपन्न हों।
पारदर्शिता और लाभार्थियों के हित पर फोकस
विभागीय सूत्रों का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी परिवहन व्यवस्था सीधे लाखों राशन कार्ड धारकों को प्रभावित करती है। ऐसे में निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता, वित्तीय व्यवहारिकता और खाद्यान्न की सुरक्षित ढुलाई सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन के नए दिशा-निर्देशों के बाद बरेली मंडल में हुई निविदाओं की समीक्षा किस प्रकार की जाती है।