गंजडुंडवारा। नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (ईओ) सुनील कुमार के तबादले के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि ईओ को नई तैनाती स्थल तिलहर में कार्यभार ग्रहण कराने के लिए पालिका के कई कर्मचारी उनके साथ चले गए, जिसके चलते कार्यालय के कई महत्वपूर्ण पटल बंद रहे और उन पर ताले लटके दिखाई दिए। इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ा, जो अपने जरूरी कार्यों के लिए पालिका पहुंचे थे।
नगरवासियों के अनुसार जिस समय कार्यालय में जनसुनवाई और दैनिक प्रशासनिक कार्य होने चाहिए थे, उस समय कई शाखाओं में कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इससे कई शिकायत एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। कई नागरिकों ने आरोप लगाया कि कार्यालय में जिम्मेदार कर्मचारियों के न मिलने से पूरे दिन उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों का मूल उद्देश्य जनता को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन कर्मचारियों के सामूहिक रूप से कार्यालय छोड़कर चले जाने से जनहित प्रभावित हुआ। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि किसी अधिकारी को नई तैनाती स्थल तक पहुंचाने के लिए बिना किसी अनुमति के आखिर कर्मचारी चले कैसे गए।
नगरवासियों का यह भी कहना है कि पालिका क्षेत्र में पहले से ही कई विकास कार्य और प्रशासनिक मामले लंबित हैं। ऐसे में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से समस्याएं और बढ़ गईं। लोगों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि शासन की मंशा सरकारी सेवाओं को आमजन तक सुचारु रूप से पहुंचाने की है, लेकिन यदि कार्यालयों के महत्वपूर्ण पटल बंद रहेंगे और कर्मचारी कार्यस्थल से अनुपस्थित रहेंगे तो जनता का भरोसा प्रशासनिक व्यवस्था पर कमजोर होगा। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।