सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश नाकाम, प्रशासन की कार्रवाई से कब्जाधारियों में खलबली
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर सरकारी संपत्ति को निजी बपौती समझने वालों पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल गया। कोतवाली गंजडुंडवारा क्षेत्र के ग्राम पचपोखरा में अल्पसंख्यक सरकारी विद्यालय के समीप स्थित गाटा संख्या 461 की करीब 6 बिस्वा ग्राम समाज की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ध्वस्त कर कब्जामुक्त करा दिया। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से खड़ी की गई दीवार हटाई गई, जिससे कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम पचपोखरा में ग्राम समाज की करीब 6 बिस्वा भूमि लंबे समय से खाली पड़ी हुई थी। आरोप है कि गांव निवासी इश्तियाक पुत्र शेर खान, अमजद पुत्र इश्तियाक समेत अन्य लोगों द्वारा गाटा संख्या 461 की उक्त भूमि पर दीवार खड़ी कर अवैध कब्जा कर लिया गया था। मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद राजस्व विभाग ने जांच की, जिसमें भूमि ग्राम समाज की पाई गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार रोहित सक्सेना के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा। अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध रूप से निर्मित दीवार को हटाकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में हलचल का माहौल रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ग्राम समाज की भूमि को सुरक्षित रखने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।
कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार रोहित सक्सेना, राजस्व निरीक्षक सर्वेश कुमार, लेखपाल विवेक कुमार, उपनिरीक्षक पुत्तू सिंह, ग्राम प्रधान अफजल नवी तथा थाना गंजडुंडवारा का पुलिस बल मौजूद रहा।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर कब्जा किए बैठे लोगों में खलबली मची हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो ग्राम समाज की बहुमूल्य भूमि अतिक्रमण मुक्त होकर जनहित के कार्यों में उपयोग हो सकेगी।