अनवर खान, सहावर।
जागरण टूडे, सहावर।
महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के एक पत्र के विरोध में सोमवार को तहसील सहावर के अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और स्टैम्प विक्रेताओं ने मोर्चा खोल दिया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष महावीर सिंह वर्मा एडवोकेट की अध्यक्षता में आयोजित आपात बैठक में सर्वसम्मति से 15 जून से उपनिबंधक कार्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया। इसके बाद रजिस्ट्री से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह ठप हो गए।
तहसील परिसर में आयोजित बैठक में महानिरीक्षक निबंधन के पत्रांक संख्या-2523 दिनांक 4 जून के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया गया। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने इसे हितों के विपरीत बताते हुए तत्काल प्रभाव से कार्य बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया। निर्णय के अनुसार, अब कोई भी अधिवक्ता अथवा कातिब बैनामा या अन्य दस्तावेजों का पंजीकरण नहीं कराएगा।
हड़ताल के चलते वसीयतनामा, बैनामा, इकरारनामा, दानपत्र सहित सभी प्रकार के दस्तावेजों का पंजीकरण कार्य पूरी तरह बंद हो गया है। इससे रजिस्ट्री कराने के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से आए ग्रामीणों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलनकारियों ने अपने निर्णय की लिखित सूचना उपनिबंधक कार्यालय सहावर को सौंपते हुए प्रशासन को अपने रुख से अवगत करा दिया है। इस दौरान सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर सिंह वर्मा, दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवचरन सिंह वर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, बैनामा लेखक और स्टैम्प विक्रेता मौजूद रहे।
पंजीकरण कार्य बंद होने से शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि यह गतिरोध कब तक जारी रहता है और इसे समाप्त करने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।