गुड्डू यादव, कासगंज
जागरण टूडे, कासगंज।
आगरा परिक्षेत्र में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। एडीजी आगरा परिक्षेत्र द्वारा जारी स्पष्ट आदेश के बावजूद कासगंज जनपद में तैनात 10 निरीक्षकों को अब तक कार्यमुक्त नहीं किए जाने से विभागीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, एडीजी आगरा परिक्षेत्र एस.के. भगत ने 10 जून को तत्काल प्रभाव से निरीक्षक साधना सिंह, हरबिलास, भूदेव सिंह, प्रवेश राणा, प्रेमपाल सिंह, ब्रह्मप्रकाश, गोपाल सिंह, रामकेश राजपूत, सत्यप्रकाश तथा भोजराज अवस्थी को कार्यमुक्त करते हुए उनके स्थानांतरण संबंधी आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन कर इसकी सूचना आगरा परिक्षेत्र कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया था।
हालांकि आदेश जारी होने के चार दिन बाद भी संबंधित निरीक्षकों की कार्यमुक्ति नहीं हो सकी है। इससे पुलिस विभाग के भीतर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एडीजी कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट रूप से तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं हो पाया।
पुलिस महकमे में इसे प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन से जुड़े महत्वपूर्ण विषय के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी है कि जब वरिष्ठ स्तर से जारी आदेशों के अनुपालन में देरी होगी तो अधीनस्थ स्तर पर अनुशासन और कार्यसंस्कृति प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कार्यमुक्ति में देरी प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण हुई है या फिर किसी विशेष परिस्थिति के चलते आदेश लंबित हैं।
अब सभी की निगाहें आगरा परिक्षेत्र और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। देखना होगा कि आदेश के अनुपालन में हो रही देरी को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और संबंधित निरीक्षकों की कार्यमुक्ति कब तक सुनिश्चित की जाती है। फिलहाल यह मामला पुलिस विभाग में चर्चा और जिज्ञासा का विषय बना हुआ है।