युवाओं की आवाज दबाने का आरोप, निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग
गुड्डू यादव कासगंज।
जागरण टूडे, कासगंज।
भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और युवाओं के रोजगार के मुद्दे को लेकर लखनऊ में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे एनएसयूआई (NSUI) कासगंज के जिलाध्यक्ष दीपक धनगर को शनिवार को पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक दिया। दीपक धनगर ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रदेश सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
दीपक धनगर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि सरकार पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या के समाधान के बजाय इसके विरोध में आवाज उठाने वाले छात्र-युवाओं को रोकने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ में आयोजित विरोध प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण था, जिसमें युवाओं के रोजगार, भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और पेपर लीक की घटनाओं पर कार्रवाई की मांग उठाई जानी थी। लेकिन प्रदर्शन में शामिल होने से पहले ही पुलिस द्वारा उन्हें उनके घर पर रोक दिया गया।
दीपक धनगर ने कहा कि यदि सरकार युवाओं के हितों के प्रति वास्तव में संवेदनशील होती तो भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक रोकने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रभावी कदम उठाती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के सवालों और समस्याओं का जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने कहा कि छात्र और युवा अपने अधिकारों, रोजगार और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी।
एनएसयूआई ने मांग की है कि भर्ती परीक्षाओं में हुए पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।