मथुरा में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने एक्सप्रेस-वे और नेशनल हाईवे पर नियमित दूरी पर जागरूकता संबंधी साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इन बोर्डों पर वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और धीमी गति से चलने संबंधी संदेश अंकित करने को कहा गया।
बैठक में विशेष रूप से एनएच-19 पर मौजूद ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने एनएचएआई अधिकारियों को सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में 15 एमएम पट्टी, एलईडी संकेतक, रंबल स्ट्रिप, रेडियम स्टीकर, स्पीड टेबल और कैट आई जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से लगाई जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस, अस्पतालों की मैपिंग और कैशलैस चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए और लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन को निर्देश दिए गए कि जिन स्कूल वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल फिटनेस प्रमाणित कराया जाए। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही स्कूल वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में ओवरलोडिंग, डग्गेमार और अनाधिकृत वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन प्रथम राजेश राजपूत, द्वितीय सतेंद्र कुमार, एनएचएआई और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।