चार दिन पहले उठाई गई मांग पर शुरू हुई कार्रवाई, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के चालू होने से हजारों उपभोक्ताओं और किसानों को मिलेगा लाभ
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
पटियाली विधानसभा क्षेत्र में लगातार बिजली संकट को लेकर आंदोलन की चेतावनी के बाद बिजली विभाग सक्रिय होता नजर आ रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं समाजसेवी अब्दुल हफीज गांधी द्वारा चार दिन पहले सुजावलपुर बिजलीघर पर रखे अतिरिक्त 5 MVA ट्रांसफार्मर को चालू कराने की मांग उठाई गई थी। अब विभाग ने ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग शुरू कर दी है, जिससे क्षेत्र की जनता को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि अब्दुल हफीज गांधी ने हाल ही में ऊर्जा मंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती, किसानों के ट्यूबवेलों को पर्याप्त बिजली न मिलने, लगातार हो रही ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने मांग की थी कि सुजावलपुर बिजलीघर पर महीनों से रखे अतिरिक्त 5 MVA ट्रांसफार्मर को तत्काल विद्युत व्यवस्था से जोड़ा जाए।
इसी बीच गांधी ने 25 मई को कादरगंज तिराहे से सुजावलपुर बिजलीघर तक पैदल मार्च और धरने का भी ऐलान कर दिया था। जारी पोस्टर में उन्होंने पूरे जनपद कासगंज में चरमराई बिजली व्यवस्था, किसानों को पर्याप्त बिजली न मिलने और लगातार ट्रिपिंग के खिलाफ जन आंदोलन की घोषणा की थी। पैदल मार्च 25 मई यानी कल सुबह 11 बजे कादरगंज तिराहे से शुरू होकर सुजावलपुर बिजलीघर पहुंचेगा, जहां धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है।
इस बीच अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग शुरू होने पर अब्दुल हफीज गांधी ने कहा, "अभी चार दिन पहले हमने मांग की थी कि सुजावलपुर पर रखा अतिरिक्त 5 MVA ट्रांसफार्मर भी जोड़ा जाए। खुशी है कि आज उसकी टेस्टिंग चल रही है। इस ट्रांसफार्मर के जुड़ने से सुजावलपुर और गंजडुंडवारा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा तथा बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी।"
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से बिजली संकट से जूझ रही है। भीषण गर्मी में लोग रातभर जागने को मजबूर हैं, जबकि किसानों की फसलें पर्याप्त सिंचाई न मिलने से प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का चालू होना क्षेत्र की जनता और किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
हालांकि अब्दुल हफीज गांधी ने स्पष्ट किया कि जब तक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारु नहीं होती और किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलती, तब तक जनहित की लड़ाई जारी रहेगी। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि टेस्टिंग के बाद अतिरिक्त ट्रांसफार्मर कब पूरी क्षमता के साथ चालू होकर क्षेत्र को बिजली संकट से राहत दिलाता है।