17 मई से 15 जून तक होंगे विविध मनोरथ, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना
कान्हा की नगरी मथुरा के ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में इस वर्ष अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास के अवसर पर भक्ति और उत्सव का भव्य संगम देखने को मिलेगा। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के इस प्रसिद्ध मंदिर में 17 मई से 15 जून तक विभिन्न धार्मिक मनोरथों और उत्सवों का आयोजन किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने एक माह तक चलने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा जारी कर दी है।
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी (एडवोकेट) ने बताया कि मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ. वागीश कुमार जी महाराज तृतीय पीठाधीश्वर, कांकरोली नरेश के निर्देशन में सभी आयोजन संपन्न होंगे। अधिक मास को पुष्टिमार्ग में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दौरान ठाकुर जी की विशेष सेवा, श्रृंगार और उत्सवों का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
एक महीने में होंगे पूरे वर्ष के प्रमुख उत्सव
अधिक मास में श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष होने वाले प्रमुख धार्मिक उत्सवों के दर्शन एक ही माह में कराए जाएंगे। मंदिर परिसर में प्रतिदिन अलग-अलग मनोरथ सजाए जाएंगे, जिनमें पालना, हिंडोला, फूल बंगला, रथयात्रा, नौका विहार, शरद रास और विवाह महोत्सव जैसे आयोजन प्रमुख रहेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत 17 मई को पालना मनोरथ से होगी। इसके बाद 18 मई को चांदी का पालना, 19 मई को गुलाबी गणगौर, 20 मई को पनघट और 21 मई को चीरहरण एवं नौका विहार आयोजित होगा। वहीं 28 मई को विवाह महोत्सव, 31 मई को फूल का बंगला एवं शरद रास और 2 जून को रथयात्रा एवं नौका विहार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
15 जून को सोने का पालना और श्याम घटा के साथ अधिक मास के आयोजनों का समापन होगा।
श्रद्धालु भी लिखवा सकेंगे मनोरथ
मंदिर प्रशासन ने बताया कि जो श्रद्धालु ठाकुर जी के प्रति विशेष सेवा भाव रखते हैं या कोई मनोरथ संपन्न कराना चाहते हैं, वे मंदिर के समाधान कार्यालय में संपर्क कर अपना मनोरथ दर्ज करा सकते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार सेवा और उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की तैयारी शुरू
अधिक मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शासन और प्रशासन को विशेष पुलिस बल की तैनाती तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पत्र भेजा जाएगा।
मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर प्रशासन का कहना है कि अधिक मास में दान-पुण्य का विशेष महत्व होने के कारण इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक रह सकती है।