गुड़गांव नोएडा, पानीपत के श्रमिकों को न्याय दिलाने के लिए 1 मई को होगी सभा
श्रमिकों का उत्पीड़न रोकने, पिछले दिनों विभिन्न स्थानों पर हुए टकराव से पीड़ित श्रमिकों को न्याय दिलाने, शोषण रोकने और पूरा वेतन दिलाने का अभियान विभिन्न संगठनों ने शुरू कर दिया है। उनकी लगातार बैठक और जनसंपर्क जारी है। कुछ मजदूर संगठनों ने भड़काऊ जैसे पंपलेट भी वितरित किए हैं। इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन और खुफिया तंत्र हाई अलर्ट पर है। मजदूर संगठनों ने 1 मई को कोतवाली के सामने आंबेडकर पार्क में कार्यक्रम आयोजन हेतु प्रशासन से अनुमति मांगी है, लेकिन अभी तक मिल नहीं पाई है।
पिछले दिनों नोएडा, फरीदावाद, नोएडा, दिल्ली, गुड़गांव, पानीपत समेत कई स्थानों पर अकारण उग्र प्रदर्शन हुआ था, जिसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। जांच में पाया गया कि हंगामा करने वाले ज्यादातर लोग विभिन्न राज्यों से सुनियोजित तरीके से इकट्ठे हुए और उन्होंने श्रमिकों को भड़काकर सड़कों पर उतार दिया। अभी इस मामले में जांच चल रही है। इस बीच मई दिवस की आड़ में कुछ संगठनों ने एक मई को विभिन्न स्थानों पर सभा करने का निर्णय लिया। हालांकि यह सिलसिला बरेली में पिछले कई दिनों से चल रहा है। बताया जाता है कि बरेली में भी एनसीआर जैसा माहौल गर्माने की कोशिश की जा रही है।
खुफिया तंत्र ने कुछ संगठनों द्वारा जनसंपर्क, मिनी सभाएं जैसी जानकारी मिलते ही सक्रिए हो गया है। वितरित किए गए पंपलेट भी प्रशासन ने एकत्र कराए हैं। मंगलवार दोपहर जिलाधिकारी अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक, एडीएम सिटी सौरभी दुवे, नगर मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा, श्रम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी परसाखेड़ा पहुंचे। इन अधिकारियों ने सभी प्रमुख उद्यमियों से सीधा वार्तालाप किया। निर्देश दिए गए श्रमिकों को निर्धारित मानदेय और वेतन आदि दिया जाए। कोई शोषण न किया जाए।
डीएम-एसएसपी ने वीवीपैट वेयर हाउस का निरीक्षण किया
बैठक के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के साथ सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर परसाखेड़ा स्थित वीवीपैट वेयर हाउस का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अभिलेखों के रखरखाव की गहनता से देखा और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने वेयर हाउस में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की भी जांच की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने व व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
इस मौके पर सीओ एलआईयू विजय राना, आईआईए चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी, पीके नमकीन के मालिक धर्मेंद्र, एसके सिंह समेत 50 से अधिक उद्यमी रहे।
विदेशी ताकत मजदूरों को न बना पाएं टूल
बैठक में मौजूद रहे कुछ उद्यमियों ने बताया कि पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ मंगलवार को लंबी बैठक चली। जिसमें अफसरों ने नोएडा का हवाला देते हुए साफ किया कि मजदूरों और उद्यमियों के साथ पुलिस -प्रशासन हर तरह से मदद को खड़ा है। उद्यमी अपने मजदूरों को सरकार की तरफ से तय मानदेय दें। साथ ही उनके स्वास्थ समेत अन्य जरुरतों को पूरा करें।
अफसरों ने कहा कि नोएडा में हुए प्रदर्शन और बवाल में शामिल कोई मजदूर नहीं थे, बल्कि बाहरी तत्वों को विदेशी ताकतों की तरफ से भड़का कर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया था। ऐसे में विदेशी ताकत नाथ नगरी में मजदूरों को टूल न बना पाएं इसका सभी उद्यमी ध्यान रखें।
डीएम ने प्रदेश और केंद्र सरकार की तरफ से सभी श्रमिकों और कर्मचारियों को एक अप्रैल से लागू नई वेतन वृद्धि और न्यूनतम वेतन को सुचारू रूप से लागू करने के लिए कहा जबकि एसएसपी अनुराग आर्य ने श्रमिकों के साथ आपसी तालमेल बेहतर करने को आवश्यक निर्देश दिए।
खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर अलर्ट हुआ प्रशासन
सूत्रों बताते हैं कि कर्मचारी यूनियनों की तरफ से एक मई को मजदूर दिवस पर अलग-अलग कार्यक्रम को लेकर पर्चे बांटे जा रहे हैं। जिसमें प्रदर्शन की भी बू आ रही है। जिसे लेकर खुफिया विभाग की तरफ से पुलिस-प्रशासन को एक रिपोर्ट सौंपी गई। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन सक्रिय हुआ और उद्यमियों के साथ बैठक का दौर शुरु हुआ।
दरअसल, नोएडा में श्रमिकों के विरोध-प्रदर्शन और बवाल की घटना के प्रदेश में एक मई को मजदूर दिवस को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कानून व्यवस्था बनाए रखने, संभावित प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए व्यापक सुरक्षा रणनीति भी लागू की गई है। कई संवेदनशील स्थानों में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।
नोएडा में पाकिस्तानी कनेक्शन आया था सामने
हाल ही में नोएडा में प्रदर्शन और बवाल हुआ था। जिसमें पुलिस अधिकारियों हिंसा के सिलसिले में तीन सौ से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने दावा किया था कि दो सोशल मीडिया हैंडल्स, जिन्हें कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था। उसी से लोगों को भड़काने का काम किया जा रहा था। जिसके बाद पूरे प्रदेश में पुलिस प्रशासन से लेकर खुफिया विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।