उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की सदर तहसील अंतर्गत चंदौरा बहादुर गांव में प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार रविवार रात गांव पहुंचे और पंचायत भवन में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं।
रात करीब आठ बजे जैसे ही एडीएम गांव पहुंचे, बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पर एकत्र हो गए। अधिकारियों ने मौके पर प्रकाश की व्यवस्था कराकर तत्काल चौपाल शुरू कराई। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि गांव में किसानों के लिए नियमित कैंप नहीं लगाए जा रहे हैं, जिससे फार्मर रजिस्ट्री जैसे जरूरी कार्य लंबित पड़े हैं। कई किसानों ने बताया कि अब तक केवल एक बार ही कैंप आयोजित हुआ, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने मौके पर ही जांच की और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लेखपाल आशीष कुमार यादव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी। उन्होंने निलंबन की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी, जिसके बाद उपजिलाधिकारी सदर ने तत्काल प्रभाव से लेखपाल को निलंबित कर दिया।
एडीएम ने मौके पर ही पंचायत भवन में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुए लंबित कार्यों को शुरू कराया। उनके निर्देश पर दर्जनों किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का काम उसी समय प्रारंभ कराया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिलाधिकारी द्वारा इस अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और 30 अप्रैल तक सभी पात्र किसानों की रजिस्ट्री पूरी कराई जाएगी।
उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही लेखपाल, पंचायत सहायक, जनसेवा केंद्र संचालक, ग्राम प्रधान और कोटेदार को इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में राहत और संतोष का माहौल देखा गया।