-राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर, सामाजिक व सुरक्षा से जुड़े उठाये मुद्दे
जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
शहर में शनिवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के बैनर तले विभिन्न हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के प्रभू पार्क में एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालते हुए कासगंज तहसील पहुंचे। जहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया। एसडीएम संजीव सिंह के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
प्रदर्शनकारियों ने अपने ज्ञापन में देश में बढ़ रही सामाजिक और आपराधिक घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की। बजरंग दल के संयोजक अमरीश वशिष्ठ ने कहाकि कुछ गतिविधियां देश के सामाजिक ताने-बाने और आपसी सौहार्द को प्रभावित कर रही हैं, जिन पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। संगठनों का आरोप है कि विभिन्न स्थानों पर अवैध कब्जों और संगठित तरीकों से समाज में तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है।
ज्ञापन में लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण और सरकारी व सार्वजनिक भूमि पर कब्जों जैसे मुद्दों को भी उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वन भूमि, रेल विभाग और रक्षा से जुड़ी भूमि पर अवैध अतिक्रमण की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से चिंता का विषय हैं। उन्होंने इन मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की।
संगठनों ने राष्ट्रपति से अपील की कि ऐसे मामलों में कठोर कानून बनाए जाएं और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनजातीय और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की भी मांग रखी गई।
विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन के वरिष्ठ मंत्री नकुल चौधरी ने कहा, “देश में हो रही घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। सरकार को चाहिए कि इन मामलों में सख्त कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे।”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हिन्दू वादी संगठन के विभाग संगठन मंत्री
विनय राज पन्नू ने कहा, “अवैध गतिविधियों और समाज विरोधी तत्वों पर रोक लगना बेहद जरूरी है। इसके लिए मजबूत कानून और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।”
प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता शांतिपूर्वक लौट गए। प्रशासन ने ज्ञापन को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मौके पर संयोजक अमरीश वशिष्ठ, गोविंद महेरे, प्रमोद साहू, नवीन सक्सेना, विनोद कुशवाह, सतेंद्र सिंह, वैभव उपाध्याय, राज दिवाकर, ओमकार सैनी, शिवा सैनी आदि समाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।