जागरण टुडे, अंकित पंडित, सोरों/कासगंज।
सोरों कस्बे में मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। तीर्थ नगरी में बैकुंठ धाम वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वावधान में 53 लावारिस और अज्ञात मृतकों की अस्थियों का विधि-विधान से गंगा में विसर्जन किया गया। इस पुण्य कार्य का नेतृत्व ट्रस्ट के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र शर्मा ने अपनी टीम के साथ मिलकर किया।
यह कार्यक्रम सोरों के प्रसिद्ध हरि की पैड़ी गंगा घाट पर संपन्न हुआ, जहां पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए पिंडदान किया गया। पंडितों द्वारा विधिवत अनुष्ठान संपन्न कराया गया, जिसमें सभी मृतकों के प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
ट्रस्ट के सदस्यों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इस कार्य में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हैं। लावारिस मृतकों के लिए इस तरह का अंतिम संस्कार न केवल उनके प्रति सम्मान प्रकट करता है, बल्कि यह समाज के मानवीय मूल्यों को भी मजबूत करता है।
इस अवसर पर जितेंद्र शर्मा ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति इस दुनिया से जाने के बाद उपेक्षित न रहे। हर आत्मा को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार और मोक्ष प्राप्त करने का अधिकार है। हमारी टीम लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है और आगे भी ऐसे मानवीय प्रयास जारी रहेंगे।”
इस तरह के कार्य न केवल समाज को एक सकारात्मक दिशा देते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि संवेदनशीलता और इंसानियत आज भी जीवित है। सोरों में किया गया यह आयोजन निश्चित रूप से एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर सामने आया है।