जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
तहसील पटियाली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नगला टीका में बच्चे के कमरे में बंद होने की घटना को लेकर जहां प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया, वहीं अब इस कार्रवाई के विरोध में शिक्षक संगठन खुलकर मैदान में उतर आया है। निलंबित शिक्षक कृष्णवीर सिंह की बहाली को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
संघ के अध्यक्ष अमित द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शिक्षकों ने निलंबन को जल्द वापस लेने की मांग उठाई।
संघ के पदाधिकारियो एवं शिक्षको ने खंड शिक्षा अधिकारी राज कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के की गई कार्रवाई से शिक्षकों में रोष है। इस दौरान अरविंद यादव, रीतेश शर्मा, संत भूपेन्द्र गौतम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
वही खंड शिक्षा अधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि जांच के आधार पर ही आगे निर्णय लिया जाएगा।
आपको बता दे शुक्रवार को नगला टीका गांव के प्राथमिक विद्यालय में बड़ी लापरवाही सामने आई थी। छुट्टी के बाद शिक्षक स्कूल के कमरों में ताला लगाकर चले गए, लेकिन एक मासूम बच्चा अंदर ही बंद रह गया। नगला टीका निवासी राजीव का पुत्र विशाल स्कूल गया था, जो काफी देर तक घर नहीं लौटा तो परिजन परेशान हो उठे।
तलाश के दौरान ग्रामीणों को स्कूल के एक बंद कमरे से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब खिड़की से झांककर देखा गया तो बच्चा भीषण गर्मी में पसीने से लथपथ रोता मिला। सूचना पर पहुंची 112 पुलिस ने प्रधानाध्यापक किशनवीर को मौके पर बुलाकर ताला खुलवाया और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना को गंभीर मानते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। लेकिन अब यही कार्रवाई विवाद का कारण बन गई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच किए बिना की गई कार्रवाई जल्दबाजी है, जबकि अभिभावकों और ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश बना हुआ है।
एक तरफ मासूमो की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल हैं, तो दूसरी ओर शिक्षकों का आंदोलन तेज होता दिख रहा है। ऐसे में यह मामला अब प्रशासन बनाम शिक्षक संगठन की सीधी टक्कर का रूप लेता नजर आ रहा है।