जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद कासगंज की कस्बा गंजडुंडवारा में स्मार्ट मीटर व्यवस्था से नाराज जनता का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर फूट पड़ा। एटा रोड स्थित पुराने बिजली घर पर क्षेत्रीय लोगों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन कर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली व्यवस्था सुधरने के बजाय और बदतर हो गई है। बिना किसी पूर्व सूचना के कभी भी बिजली काट दी जाती है, और पैसा जमा करने के बाद भी घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं होती। इससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि बिजली काटने से पहले विभाग की ओर से कोई SMS तक नहीं भेजा जाता, जो सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है।
धरना स्थल पर मौजूद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता का उत्पीड़न हो रहा है। बिना सहमति के जबरन मीटर लगाए गए हैं। केंद्र सरकार की मंशा भी साफ है कि प्रीपेड व्यवस्था सही नहीं, फिर भी प्रदेश सरकार इस पर चुप है। जनता को राहत देने के लिए सभी स्मार्ट मीटर तुरंत पोस्टपेड किए जाएं।”
वहीं मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव राशिद अली ने व्यवस्था की पोल खोलते हुए कहा कि “करीब 40 हजार बिजली कनेक्शनों पर सिर्फ एक बिल जमा काउंटर है। लोग घंटों धूप में लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। यह पूरी व्यवस्था जनविरोधी है, जिसे तुरंत सुधारा जाना चाहिए।”
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उनकी प्रमुख मांगों में स्मार्ट मीटर को प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलना, बिजली कटौती से पहले अनिवार्य SMS सूचना देना और बिल जमा करने के काउंटरों की संख्या बढ़ाना शामिल है।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे, जिससे प्रशासन और बिजली विभाग पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।