जागरण टुडे, , कासगंज।
पटियाली तहसील के अंतर्गत बरौना गांव में गंगा नदी के कटान और संभावित बाढ़ से बचाव के लिए सिंचाई विभाग द्वारा ठोकर (पक्का बांध) निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य गांव को हर वर्ष आने वाली बाढ़ और कटान की समस्या से स्थायी राहत दिलाना है। विभाग ने इस कार्य को आगामी 20 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि बरसात के मौसम से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
परियोजना के तहत करीब 350 मीटर लंबी पत्थरों की ठोकर बनाई जा रही है, जो गंगा के तेज बहाव को नियंत्रित करने में सहायक होगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इस स्थान पर कई वर्षों तक कच्चे बांध का निर्माण किया जाता रहा, जो हर साल क्षतिग्रस्त हो जाता था। इस बार सरकार ने स्थायी समाधान के रूप में पक्का बांध स्वीकृत किया है, जिससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। हालांकि निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। नियमानुसार पहले रेत से भरी बोरियों की मजबूत नींव तैयार की जानी चाहिए, जिन्हें नायलॉन कराटे से बांधकर व्यवस्थित ढंग से लगाया जाता है, उसके बाद उन पर पत्थरों की परत बिछाई जाती है। लेकिन मौके पर बिना बोरियों के ही रेत डाली जा रही है और जहां बोरियों का उपयोग हो भी रहा है, वहां भी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
इससे पूरे निर्माण की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लापरवाही बरती गई तो बांध लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा। इस संबंध में एडवोकेट एवं समाजसेवी अब्दुल हफीज गांधी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो यह परियोजना अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वीकृत धनराशि का पारदर्शी और सही उपयोग होना जरूरी है। उन्होंने सिंचाई विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और इसे तय मानकों के अनुसार पूरा कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो मामला उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से इस महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही न बरतने की मांग की है।