खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पांच पनीर निर्माण इकाइयों के नमूने फेल होने पर उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं, साथ ही न्यायालय में वाद भी दायर कर दिया गया है।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने बल्देव क्षेत्र के नगला बुर्ज में स्थित खोआ निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर भंडारित खोआ और मिश्रित दूध के नमूने लिए। वहीं, वृंदावन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह ने एक भोजनालय से तैयार सब्जी का नमूना संग्रहित किया।
संग्रहित तीनों नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पूर्व में तहसील मांट के बाजना क्षेत्र में 16 अक्टूबर 2025 को की गई प्रवर्तन कार्रवाई में पनीर, मिश्रित दूध और अपमिश्रकों के नमूने लिए गए थे। जांच में नमूने मानक के अनुरूप न पाए जाने पर पांच डेयरियों गगन गणेश मिल्क प्रोडक्ट्स, विनोद डेयरी, विष्णु डेयरी, राकेश डेयरी और भावना मिल्क प्रोडक्ट के खाद्य लाइसेंस निरस्त कर दिए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।