जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद के सहावर थाना क्षेत्र के गांव चहका गुनार में मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर निकली पारंपरिक शोभायात्रा उस वक्त बवाल में बदल गई, जब एक जाति विशेष के मोहल्ले में प्रवेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पूरे घटनाक्रम की तस्वीर अब पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) में साफ नजर आ रही है।
पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं, जिनमें 36 नामजद और 15 अज्ञात उपद्रवियों को आरोपी बनाया गया है। अब तक 23 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पीएसी सहित भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
FIR में क्या है पूरी कहानी
सहावर थाना प्रभारी गोविंद बल्लभ शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, शोभायात्रा जैसे ही एक मोहल्ले में पहुंची, वहां मौजूद कुछ लोगों ने भीड़ को भड़काना शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने लोगों को उकसाते हुए कहा कि यह शोभायात्रा किसी साजिश के तहत निकाली जा रही है और इसे किसी भी कीमत पर मोहल्ले से नहीं गुजरने दिया जाएगा।
इसके बाद माहौल अचानक बिगड़ गया और देखते ही देखते छतों से महिलाओं और युवकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस हमले में सिपाही अश्वनी मलिक और महिला आरक्षी रेखा शर्मा घायल हो गईं। हालात इतने बिगड़े कि पुलिस के साथ हाथापाई तक हो गई और थाना प्रभारी की वर्दी भी फट गई।
आंसू गैस के गोले भी बेअसर
स्थिति को काबू में करने के लिए सीओ सहावर शाहिदा नसरीन मौके पर पहुंचीं और लाउडस्पीकर से लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ नहीं मानी। इसके बाद पुलिस ने मजबूर होकर आंसू गैस के तीन गोले छोड़े, फिर भी उपद्रवी डटे रहे।
आखिरकार पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद उदयवीर, मुनेंद्र, वीरेश, अजीत, गोविंद, अरुण, मुन्नालाल, अभिलाख सिंह, उपेंद्र, विनीत, शिवम, हिमांशु, सुरजीत, सतेंद्र, संजीव, जयगोपाल, रामौतार और अमित समेत कई आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आए और नाम
घटना के बाद जांच में मिंटू यादव, धर्मेंद्र यादव, कुलदीप यादव, रविंद्र यादव, मोनू यादव, प्रमोद यादव, ब्रजमोहन यादव, विजय यादव, अंकित यादव, राजीव यादव, राहुल यादव, रामप्रकाश यादव और अमर सिंह के नाम भी सामने आए हैं। इसके अलावा 5 महिलाएं और 15 अज्ञात लोग भी उपद्रव में शामिल बताए गए हैं।
बरामद हुआ ‘बवाल का सामान
पुलिस ने मौके से एक बोरी ईंट-पत्थर और करीब 20 लाठी-डंडे बरामद किए हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बवाल की तैयारी पहले से की गई थी।
गांव में छावनी जैसा माहौल
घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। एहतियातन पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और मामले में सख्त कार्रवाई होगी।