जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
जनपद के सहावर थाना क्षेत्र स्थित चहका गुनार गांव में मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की शोभायात्रा के दौरान पथराव की घटना से क्षेत्र में तनाव फैल गया। जानकारी के अनुसार, प्रशासन की अनुमति के बाद परंपरागत रूप से निकाली जा रही शोभायात्रा जब गांव के एक विशेष मोहल्ले से गुजर रही थी, तभी कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए पथराव शुरू कर दिया गया।
देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक ईंट-पत्थर चलते रहे। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों ने सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ता भी अवरुद्ध कर दिया। घटना में एक पुलिसकर्मी पत्थर लगने से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए भेजा गया।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया। जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर किया।
पुलिस ने मौके से एक महिला सहित करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया है। प्रशासन का कहना है कि घटना के वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।
तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद प्रशासन की निगरानी में शोभायात्रा को दोबारा शुरू कराया गया और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया। गांव में फिलहाल एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
शोभायात्रा समिति के उपाध्यक्ष राजीव कुमार जाटव ने आरोप लगाया कि यात्रा जैसे ही एक विशेष समुदाय के मोहल्ले में पहुंची, वहां कुछ लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। वहीं, पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि जिले में लगभग 50 स्थानों पर शोभायात्राएं निकाली जा रही थीं, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। गुनार गांव की घटना को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।