जागरण टुडे, कासगंज।
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गंजडुंडवारा कस्बे में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे एक निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप है, जहां छह महीने के भीतर दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। ताजा मामला बीती रात का है, जब ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जबकि आरोपी डॉक्टर अस्पताल बंद कर फरार हो गए।
मामला थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के गांव नरदोली शंभू नगला की रहने वाली चमेली का है। परिजनों के मुताबिक, महिला को रसोली के ऑपरेशन के लिए गंजडुंडवारा के शिव अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल के डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए उसे फर्रुखाबाद रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के चलते रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिला के साथ जा रहा डॉक्टर बीच रास्ते में ही फरार हो गया। गुस्साए परिजन शव को वापस अस्पताल लेकर पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। लेकिन तब तक अस्पताल संचालक ताला बंद कर मौके से भाग चुका था।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही और अवैध संचालन के आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अस्पताल बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के लंबे समय से संचालित हो रहा था।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल के अनुसार, इससे पहले भी एक महिला की मौत का मामला सामने आया था, लेकिन तब परिजनों ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी थी। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को नोटिस जारी किया था। जांच में अस्पताल का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया है।
मृतका के भतीजे मुकेश ने बताया “हम लोग इलाज के लिए लेकर आए थे, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से मेरी बुआ की जान चली गई। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ी और रास्ते में ही मौत हो गई। डॉक्टर भी हमें छोड़कर भाग गया।”
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने टीम गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि आखिर बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई कब होगी, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।