जागरण टुडे, कासगंज
जनपद में आंगनवाड़ी विभाग की हालिया भर्ती अब बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। भर्ती प्रक्रिया की गोपनीय सूची कथित तौर पर समय से पहले ही अभ्यर्थियों तक पहुंच गई, जिसके बाद सौदेबाजी के आरोपों ने पूरे मामले को गरमा दिया है।
जैसे-जैसे मामला खुलता गया, उंगलियां तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) सुशीला यादव पर उठने लगीं। भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोपों की गूंज जिलाधिकारी प्रणय सिंह तक पहुंची तो प्रशासन ने तुरंत सख्त रुख अपनाया। बिना देर किए डीएम ने सुशीला यादव को पद से हटा दिया।
जानकारी के अनुसार सुशीला यादव को डीपीओ पद से हटाकर सीडीपीओ कासगंज-सोरों के पद पर भेज दिया गया है, जबकि अमापुर-पटियाली के डीपीओ राजीव कुमार को जिले का नया कार्यक्रम अधिकारी बना दिया गया है।
दरअसल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती की सूची आमतौर पर डीपीओ कार्यालय और निदेशालय लखनऊ तक ही सीमित रहती है। लेकिन समय से पूर्व सूची का बाहर आना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ निर्देश दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अब सभी की नजरें आगामी जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।