जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद में अवैध खनन और फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध मिट्टी खनन में पकड़े गए ट्रैक्टर को फर्जी दस्तावेजों के सहारे छुड़ा लिया गया। पूरे मामले में राजस्व को भारी चपत लगने की बात सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 9 दिसंबर 2025 को थाना गंजडुंडवारा क्षेत्र के ग्राम मिलौली में चारागाह भूमि पर अवैध मिट्टी खनन करते हुए स्वराज लोडर ट्रैक्टर (UP 13 AJ 5795) को लेखपाल प्रमोद पाराशर की टीम ने पकड़ा था। मौके पर ट्रैक्टर चालक सतीश पुत्र जय सिंह निवासी नगला अण्डउआ फरार हो गया था। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया था।
बाद में जिलाधिकारी के आदेश (17 दिसंबर 2025) के तहत 2.5 लाख रुपये अर्थदंड जमा करने की शर्त पर वाहन छोड़ने की अनुमति दी गई थी। लेकिन जब खान निरीक्षक द्वारा 23 मार्च 2026 को मामले की जांच की गई, तो पूरा खेल सामने आ गया।
जांच में पाया गया कि ट्रैक्टर को छुड़ाने के लिए फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। जिस आदेश के आधार पर वाहन छोड़ा गया, उसका कोई रिकॉर्ड ई-ऑफिस पोर्टल पर नहीं मिला। इतना ही नहीं, पत्रांक 485/खनिज लिपिक/2025-26 का मिलान डाकवही से करने पर भी अलग ही मामला सामने आया, जिससे साफ हो गया कि दस्तावेज फर्जी हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहां 2.5 लाख रुपये जमा होने थे, वहां पोर्टल जांच में केवल 10 हजार रुपये ही जमा पाए गए। इससे स्पष्ट है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया।
मामले में सतीश पुत्र जय सिंह निवासी नगला अण्डउआ, वाहन स्वामी अनीता देवी पत्नी प्रभू दयाल निवासी रतनपुर (बुलंदशहर) सहित अन्य के खिलाफ साजिश कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका उपयोग कर वाहन छुड़ाने का आरोप है।
खान निरीक्षक मो. एजाज ने थाना गंजडुंडवारा पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। जिसके बाद पुलिस मामले की गहन जांच मे जुट गई है।