जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद कासगंज के थाना सोरों क्षेत्र में पुलिस ने एक संगठित आपराधिक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक लोकेश सिंह द्वारा दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित होकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था और क्षेत्र में भय व आतंक का माहौल बना रखा था।
किसान यूनियन (स्वराज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी शामिल
पुलिस कार्रवाई में भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पाण्डेय का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। पुलिस ने कुलदीप पाण्डेय को इस गिरोह का सरगना (गैंग लीडर) घोषित किया है। खास बात यह है कि कुलदीप पाण्डेय सहित गिरोह के कई सदस्य पहले से ही जेल में बंद हैं।
गिरोह का सरगना और सदस्य
पुलिस के अनुसार गिरोह का नेतृत्व कुलदीप पाण्डेय (41 वर्ष) पुत्र चन्द्र शेखर पाण्डेय निवासी ग्राम गढ़ी हरनाठेर, थाना ढोलना कर रहा था। उसके साथ उसका भाई आशीष पाण्डेय और सुजीत पाण्डेय उर्फ सुरजीत पाण्डेय भी सक्रिय सदस्य हैं।
इसके अलावा गिरोह में विकास (निवासी बरौंदा), महीपाल, सुरेन्द्र यादव, वीरेश, बोबी और सुरेश (सभी निवासी अल्लीपुर बरवारा, थाना सोरों) शामिल हैं।
संगठित तरीके से अपराध, आर्थिक लाभ था उद्देश्य
एफआईआर के मुताबिक यह गिरोह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था। सभी सदस्य मिलकर आर्थिक, भौतिक और अन्य दुनियावी लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अपराधों को अंजाम देते थे। इनके आपराधिक कृत्यों के चलते क्षेत्र में दहशत का माहौल था और लोग इनके खिलाफ गवाही देने या रिपोर्ट दर्ज कराने से डरते थे।
गंभीर धाराओं में पहले से दर्ज हैं मुकदमे
गैंग लीडर और सदस्यों पर पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें बीएनएस की धारा 308, 352 सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत थाना सोरों में मुकदमे दर्ज हैं।
मुख्य रूप से मुकदमा संख्या 478/25 और 484/25 में इन सभी आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है, जो उनके आपराधिक इतिहास को दर्शाता है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिरोह की गतिविधियां उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 की धारा 2(ख) के अंतर्गत आती हैं, जो धारा 3 के तहत दंडनीय अपराध है। इसी आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पुलिस का सख्त रुख
प्रभारी निरीक्षक लोकेश भाटी ने बताया गिरोह की गतिविधियों को देखते हुए इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। पुलिस अब गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी और संपत्ति की जांच की दिशा में आगे बढ़ रही है।