जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
शहर के नदरई गेट स्थित क्रिश्चियन हॉस्पिटल एंड नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के कथित शोषण और उत्पीड़न का मामला सामने आया है। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ मौके पर पहुंचीं और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
निरीक्षण के दौरान उन्हें जीएनएम, एएनएम फर्स्ट ईयर की छात्राओं से मिलने से रोका गया और सीधे जीएनएम छात्राओं से मिलवाया गया। इस दौरान कई छात्राओं ने अपने आपको कॉलेज परिसर में असुरक्षित बताया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज में विशेष रूप से सनातन धर्म से जुड़ी छात्राओं के साथ भेदभाव और उत्पीड़न किया जा रहा है।
छात्राओं ने बताया कि शादीशुदा छात्राओं को वार्डन द्वारा तिलक लगाने और मांग भरने से रोका जाता है, जो उनकी धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन है। इसके अलावा, कॉलेज में गुटबाजी के चलते छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें हॉल में बंद कर हड़काया गया और उन पर दबाव बनाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेनू गौड़ ने तत्काल अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) और सदर कोतवाल को मौके पर बुलाकर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार का शोषण या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को महिला आयोग में प्रमुखता से उठाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रेनू गौड़ ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्राओं के अधिकारों और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।