जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद की गौशालाओं की बदहाल स्थिति को लेकर बजरंग दल ने अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। ब्रज प्रांत एटा विभाग संयोजक अमरीष वशिष्ठ ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में हैं और गौवंशों की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों से लगातार गौशालाओं का निरीक्षण कर समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं। वशिष्ठ ने साफ कहा कि गौशालाओं की दुर्दशा किसी प्राकृतिक कारण से नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता का नतीजा है।
उन्होंने पचलाना गौशाला के हालिया निरीक्षण का भी जिक्र किया, जिसे सपा सांसद देवेश शाक्य ने देखा था। वशिष्ठ के अनुसार, यह स्थिति नई नहीं है, क्योंकि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल पहले ही प्रशासन को इस संबंध में अवगत करा चुके थे।
अमरीष वशिष्ठ ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें गौशालाओं में गोवंशों के भूखे रहने, इलाज के अभाव और अव्यवस्थाओं को प्रमुखता से उठाया गया। जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेकर निर्देश भी दिए, लेकिन 10 दिन बीतने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिखा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो आज गौशालाओं की यह भयावह तस्वीर सामने नहीं आती। यह सीधे-सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का परिणाम है।
बजरंग दल संयोजक अमरीष वशिष्ठ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और गौशालाओं की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।