जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के पूरा होने के बाद जनपद कासगंज की अंतिम मतदाता सूची शुक्रवार को जारी कर दी गई है। व्यापक सत्यापन, दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया है। अब जिले में कुल मतदाता बढ़कर 9,25,031 हो गए हैं, जो पहले 8,85,678 थे। यानी अंतिम सूची में 39,353 मतदाताओं की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सत्यापन में हटे हजारों नाम, फिर जुड़े नए मतदाता
एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत में जिले में कुल 10,57,916 मतदाता दर्ज थे। प्रशासन द्वारा चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान में मृतक, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नामों को सूची से हटाया गया, जिससे संख्या घटकर 8,85,678 रह गई। इसके बाद दावे और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान पात्र नागरिकों के नाम पुनः जोड़े गए।
इस प्रक्रिया में कुल 59,045 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 42,037 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, 2,684 नाम हटाए गए और 14,324 मतदाताओं के विवरण में संशोधन किया गया। सभी प्रक्रियाओं के बाद अंतिम सूची तैयार की गई।
युवा और महिला मतदाता बने केंद्र में
नई सूची में बड़ी संख्या में युवाओं के जुड़ने के संकेत हैं, जिससे राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति युवा वोटरों पर केंद्रित करनी शुरू कर दी है। वहीं महिला मतदाताओं की भागीदारी में भी सुधार हुआ है। जेंडर रेशियो 826 से बढ़कर 829 हो गया है, जिसे प्रशासन जागरूकता अभियानों का सकारात्मक परिणाम मान रहा है।
तीनों विधानसभा क्षेत्रों में बढ़ोतरी
जिले की तीनों विधानसभा सीटों—कासगंज, अमांपुर और पटियाली—में संतुलित रूप से मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। कासगंज में 14 हजार से अधिक, अमांपुर में 12 हजार से ज्यादा और पटियाली में भी 12 हजार से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं।
अंतिम सूची के अनुसार जिले में 5,05,780 पुरुष, 4,19,224 महिला और 27 अन्य मतदाता शामिल हैं।
चुनावी असर साफ, दल हुए सक्रिय
मतदाताओं की इस बढ़ोतरी को आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नए मतदाता चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा समेत सभी प्रमुख दल नए वोटरों तक पहुंच बनाने में जुट गए हैं।
सूची बूथों और ऑनलाइन उपलब्ध
उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। यह सूची सभी बूथों, बीएलओ, तहसीलों के पंजीकरण कार्यालयों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अवलोकन के लिए उपलब्ध है।