जागरण टुडे, कासगंज।
क्षेत्र में पचलाना गोशाला को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है, जहां सपा सांसद देवेश शाक्य और गोशाला के क्षेत्रीय सचिव अमित कुमार के बयानों में साफ विरोधाभास देखने को मिल रहा है। इस मामले ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि स्थानीय लोगों में भी चिंता और आक्रोश का माहौल बना दिया है।
सपा सांसद देवेश शाक्य ने दावा किया है कि पचलाना गोशाला में छह गोवंशों की मौत हो चुकी है। उनका कहना है कि गोशाला में व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं और लापरवाही के चलते गोवंशों की जान जा रही है। उन्होंने इस मामले की गंभीर जांच की मांग भी की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
वहीं, गोशाला के क्षेत्रीय सचिव अमित कुमार ने सांसद के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि गोशाला में एक भी गोवंश की मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ गोवंश ‘मुंह पका-खुरपका’ बीमारी (Foot and Mouth Disease) से पीड़ित हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। सचिव के अनुसार, स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
इस बीच, गोशाला से जुड़ी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें गोवंशों की स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है। इन तस्वीरों ने आम जनता को झकझोर कर रख दिया है और लोग प्रशासन से सच्चाई उजागर करने की मांग कर रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सच्चाई क्या है—क्या वास्तव में गोवंशों की मौत हुई है या फिर यह केवल बीमारी का मामला है? इस विरोधाभास ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।