जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद के थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र में बहोरा-नरदोली मार्ग स्थित पेट्रोल टंकी के पास गुरुवार शाम करीब छह बजे एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया। ट्रैक्टर का बंपर अचानक टूटकर अगले टायर के नीचे आ गया, जिससे ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में महाराज सिंह (60 वर्ष) पुत्र प्यारे लाल, मुकेश (50 वर्ष) पुत्र तेजराम तथा राजेंद्र पुत्र पातीराम निवासी नगला पदम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग सहम उठे।
वहीं, विनीता (45) पत्नी मुकेश, सुनीता (35) पत्नी भूरे तथा बिजेंद्र (50) पुत्र नरोत्तम गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों के सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार नगला जैली गांव के ग्रामीण गंजडुंडवारा क्षेत्र के ग्राम बरा जलालपुर में एक रिश्तेदार सुकटी देवी के निधन पर शोक व्यक्त करने गए थे। लौटते समय यह हादसा हो गया। एक ही गांव के कई परिवारों पर यह हादसा कहर बनकर टूटा।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार विमल, क्षेत्राधिकारी संदीप वर्मा तथा प्रभारी निरीक्षक अजय वीर की मौजूदगी में पुलिस ने राहत कार्य शुरू कराया। मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घायलों को तत्काल इलाज के लिए भेजा गया।
हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।क
क्या यूं ही मौत बांटती रहेंगी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉली का सवारी वाहन के रूप में धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि यह पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।
ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब प्रशासन जागेगा? कब इन खतरनाक वाहनों पर लगाम लगेगी? और कब तक लोग इस तरह बेवजह अपनी जान गंवाते रहेंगे?