बरेली के मीरगंज क्षेत्र में अप्रैल माह के बीच अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है और कई जगहों पर कटाई का कार्य भी जोरों पर चल रहा था। लेकिन बुधवार सुबह और दोपहर में हुई बारिश ने किसानों को बड़ा झटका दिया है।
बारिश के चलते खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ कटी हुई गेहूं की बालियां भी भीग गई हैं। इससे किसानों को अब फसल को दोबारा सुखाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। जानकारों के अनुसार भीगी हुई फसल को सूखने में कम से कम तीन से चार दिन का समय लग सकता है, जिससे कटाई और मड़ाई का काम भी प्रभावित हो रहा है।
दरअसल, मंगलवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो देर रात और बुधवार सुबह से दोपहर तक जारी रही। इस दौरान खेतों में कटकर पड़ी गेहूं की बालियां भी पूरी तरह भीग गईं।
ग्राम मनकरा के किसान भूकनलाल, त्रिवेनी पाल और रामेश्वर दयाल सहित कई किसानों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि जब फसल तैयार होकर घर लाने का समय आता है, तभी मौसम की मार झेलनी पड़ती है। किसानों का कहना है कि चाहे धान की बुवाई हो या गेहूं की कटाई, मौसम की अनिश्चितता हर बार उनकी मेहनत पर पानी फेर देती है।
किसानों को आशंका है कि यदि मौसम का यही मिजाज बना रहा तो गेहूं की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है, जिससे बाजार में उचित दाम मिलने में भी परेशानी होगी। ऐसे में किसान प्रशासन से राहत और सहयोग की उम्मीद लगाए बैठे हैं।